भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)

बेंगलुरु, 14 नवंबर (वार्ता) कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष रमेश कुमार की ओर से अयोग्य ठहराये गये 17 में से 16 विधायक गुरूवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये जिनमें जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एच विश्वनाथ भी शामिल हैं।

शीर्ष न्यायालय ने कल ही इन 17 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने के फैसले को बुधवार को जायज ठहराया, लेकिन उन्हें विधानसभा उपचुनाव लड़ने की इजाजत दे दी।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पूरे कार्यकाल के लिए अयोग्य ठहराने का अध्यक्ष का फैसला उचित नहीं था। शीर्ष न्यायालय ने बागी विधायकों को विधानसभा उपचुनाव लड़ने की अनुमति दे दी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री बी एस येदिुरप्पा ने पूर्व विधायकों को आश्वासन देते हुए कहा,“ आपके बदिलदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जायेगा और उपचुनाव के लिए आपको टिकट दिये जायेंगे तथा आप लोगों की जीत सुनिश्चति करने के हरसंभव मदद किया जायेगा।”


उप मुख्यमंत्री सी एन अश्वथनारायण और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नलीन कुमार कतील समेत कई वरिष्ठ नेता इस मौके पर मौजूद थे। इन नेताओं ने पार्टी में शामिल होने वाले पूर्व विधायकों को पार्टी का झंडा भेंट कर पार्टी में स्वागत किया। पूर्व विधायकों को भाजपा में शामिल किये जाने को लेकर प्रदेश पार्टी में एक राय नहीं है। पूर्व मंत्री एवं अयोग्य ठहराये गये विधायक रोशन बेग इस मौके पर मौजूद नहीं थे।

कांग्रेस के पूर्व नेता श्री बेग मुख्यमंत्री से भेंटकर अपनी पारम्परिक शिवाजीनगर विधानसभा सीट उप चुनाव के लिए टिकट की मांग कर चुके हैं।

राफेल सौदा घोटाले की जेपीसी से जांच कराए सरकार: राहुल

श्री विश्वनाथ ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा,“ भाजपा में शामिल होने वाले सभी राजनीतिक ध्रुवीकरण के हिस्सा हैं जिसे देशभर में देखा जा सकता है। हमने किसी राजनीतिक लाभ अथवा सत्ता के लिए अपनी विधानसभा सीटों को नहीं छोड़ा है।”
उल्लेखनीय है कि उच्च्तम न्यायालय ने कर्नाटक में कांग्रेस और जद (एस) के 17 अयोग्य विधायकों को राहत देते हुए उन्हें उपचुनाव लड़ने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर द्वारा विधायकों की अयोग्यता के फैसले को सही ठहराया है। अदालत का कहना है कि अयोग्यता अनिश्चितकाल के लिए नहीं हो सकती है। इन बागियों में 14 विधायक कांग्रेस और तीन जद (एस) में शामिल थे।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here