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कोरोना के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों की हुई महत्वपूर्ण भूमिका। फाइल फोटो

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर कोरोना वायरस का नया मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मंगलवार प्रात: से लेकर देर शाम तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी। रोगी के कई रिश्तेदारों सहित कई अन्य जनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। उसकी पत्नी व पुत्र को बीती रात ही अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था।

बसंती चौक क्षेत्र में बीती रात एक और मामला सामने आया। हृदय व शुगर रोग से पीड़ित 54 साल का एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव डिटेक्ट हुआ है। देर रात को ही उसकी कॉन्टेक्ट लिस्ट बनाये जाने का कार्य आरंभ कर दिया गया था। आज दिन निकलते-निकलते कई जनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया।

पीएमओ डॉ. केएस कामरा ने बताया कि रोगी शुगर रोग से पीड़ित था और उसने कुछ माह पहले ओपन हार्ट सर्जरी भी करवायी थी। शुगर के कारण उसके जख्म सूख नहीं पाये थे। उन्होंने बताया कि 28 मई को उसको जयपुर में पुन: दिखाया जाना था, इससे पहले ही उसमें कोविड-19 के लक्षण सामने आये। जांच करने पर वह पॉजिटिव पाया गया।

श्री कामरा के अनुसार उसके छोटे भाई की पत्नी नर्स है। वहीं एक भाई आरएमपी डॉक्टर है। दोनों उसके जख्म पर मरहम-पट्‌टी का भी काम करते थे। इस कारण दोनों को भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया। नर्स का पति दिन में पलम्बर और रात को होमगार्ड की ड्यूटी करता है। उसकी भी जांच की जा रही है। वहीं एक भाई गैस एजेंसी पर कार्यरत है।

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पुत्र और पत्नी के भी लिये गये सैम्पल
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. केएस कामरा ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के उपरांत उसके पुत्र और पत्नी के भी सैम्पल लिये गये हैं। उसके भाई और भाभी के सैम्पल्स को भी बीकानेर में जांच के लिए भिजवाया गया है।

रोगी भी था पलम्बर
जानकार सूत्रों ने बताया कि रोगी भी पलम्बर का काम करता था। कुछ समय पहले उसने बसंती चौक के निकट सैनेटरी की दुकान भी खोली थी, जो अब उसका बेटा चला रहा है। वहीं रोगी का छोटा भाई भी पलम्बर का काम करता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग उसकी पत्नी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर चुका है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। इसके उपरांत ही उसके पति की कॉल हिस्ट्री को खंगाला जायेगा, वह किन लोगों के घर पर काम करने गया था।

9 लोगों के लिये सैम्पल्स
पीएमओ के अनुसार आज परिवार व नजदीकी लोगों के 9 सैम्पल्स लिये गये हैं। इसके अतिरिक्त 14 अन्य लोगों के सैम्पल लेकर उसको जांच के लिए भिजवाया गया है।

पुरानी आबादी में भी प्रभु चौक तक इलाका सील
पुरानी आबादी में भी आज इलाके को सील कर दिया गया। प्रभु चौक के निकट ही रोगी के भाई की क्लीनिक और घर है। वहीं इस उसकी एक गली छोड़कर उसके छोटे भाई का घर है। शक्ति नगर की गली नं. 1 को सील करने के साथ-साथ वहां पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। लोगों को घरों से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए कार्य किया जा रहा है।

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कोरोना रोग को श्रीगंगानगर में डिटैक्ट नहीं कर पा रहा स्वास्थ्य विभाग
श्रीगंगानगर में नया मामला आने के बाद जो संकेत मिले हैं, उससे स्वास्थ्य विभाग कटघरे में खड़ा हो गया है। पलम्बर के परिवार के नजदीकी लोगों ने जानकारी दी कि पुराने रोगी और नये रोगी के घर के बीच में काफी बड़ा फासला है। इस कारण यह नहीं कहा जा सकता कि हवा अथवा उस रोगी के सम्पर्क में आने से इस व्यक्ति तक यह रोग पहुंचा है। परिवार के लोगों ने कहा कि अवश्य ही परिवार के अन्य लोग शहर में उन लोगों के सम्पर्क में आये होंगे जो कोरोना संक्रमण से तो पीड़ित हैं, किंतु जिनको डिटेक्ट नहीं किया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग जो दावे करता रहा है। वह हवाई साबित ही हो रहे हैं। वहीं 376 लाख रुपये मिलने के बावजूद अभी तक जिला अस्पताल में लैब भी स्थापित नहीं की जा सकी है।

लोगों से अपील है कि वे स्वयं सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग के भरोसे नहीं रहें। कोरोना को लेकर किस तरह से विभाग के अधिकारी लापरवाह हैं, यह इससे भी पता चलता है कि हाल ही में 40 लाख रुपये की खरीद में भारी अनियमितता सामने आ चुकी है। इससे पता चलता है कि अपने साथियों के लिए मास्क और अन्य खरीद में जो अनियमितता बरत सकते हैं, वे शहरवासियों के स्वास्थ्य के प्रति कितने सजग होंगे।