स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत एंजल हॉस्पीटल पर कार्रवाई

-मरीजों से वसूले जा रहे थे पैसे, बिना मार्गदर्शक के चल रही थी योजना
श्रीगंगानगर। आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को स्थानीय एंजल हॉस्पीटल कर बड़ी कार्रवाई करते हुए योजना में हो रहा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। इस दौरान मरीजों से जानकारी मिली कि हॉस्पीटल प्रबंधन की ओर से उनसे इलाज के रुपए भी वसूले जा रहे थे। सीएमएचओ डॉ. गिरधारी मेहरड़ा के निर्देशों पर यह कार्रवाई डिप्टी सीएमएचओ डॉ. करण आर्य, एनयूएचएम डीपीएम नकुल शेखावत व बीमा कपंनी प्रतिनिधि डॉ. आनंद ने की। बहरहाल विभाग ने हॉस्पीटल से योजना संबंधी दस्तावेज जब्त किए हैं और जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. करण आर्य ने बताया कि बुधवार को टीम जांच के लिए एंजल हॉस्पीटल पहुंची, जहां मौके पर अनेक मरीज भर्ती थे लेकिन कोई भी चिकित्सक नहीं मिला। पूछने पर स्टाफ ने बताया कि चिकित्सक टूर पर हैं। इसके बाद टीम ने भर्ती मरीजों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उसने जांच, अल्ट्रासाउंड व दवाओं के पैसे वसूले गए हैं। यही नहीं दस्तावेज जांचने पर अनेक फाइलों में डिसार्ज पर्ची नहीं मिली। हॉस्पीटल से सोमवार व मंगलवार को छुट्टी मिल चुके मरीजों से फोन से पूछा तो पता चला कि वे पहले ही डिसार्ज हो चुके हैं, जबकि सॉफ्टवेयर में उनका डिसार्ज बुधवार को दिखाया गया। वार्ड में भर्ती मरीज कृष्णलाल से पूछने पर उसने बताया कि उससे साढ़े आठ हजार वसूले गए। इसके अलावा अन्य मरीजों से हॉस्पीटल प्रबंधन की ओर से खाली दस्तावेजों एवं संतुष्टी प्रमाण पत्रों पर पहले से ही हस्ताक्षर करवा कर रखे मिले। डॉ. आर्य ने बताया कि दो घण्टे तक चली कार्रवाई के दौरान कोई डॉक्टर मौके पर नहीं आया। यही नहीं स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मार्गदर्शक का होना जरूरी है लेकिन बुधवार को मार्गदर्शक मौके पर नहंी मिला। बहरहाल, सभी आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं और जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।