प्रियंका बुडानिया, आयुक्त नगर परिषद

श्रीगंगानगर। नगर परिषद को ठोस कचरा प्रबंधन के लिए दो बीघा भूमि की तलाश है और यह तलाश आज भी पूरी नहीं हो पाई है। डीएलबी भी अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि देने को तैयार नहीं है। वहीं मामला हाइकोर्ट में भी चल रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने 6 जैड की भूमि पर कचरा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए योजना बनायी थी किंतु गांववासियों के हाइकोर्ट में चले जाने के कारण यह मामला अटक गया। वहीं अदालत विकल्प तलाशने के लिए भी आदेश जारी कर चुकी है और अभी तक नगर परिषद नयी जमीन तलाशने में कामयाब नहीं हो पायी है। ऐसे में नगर परिषद प्रशासन पर अवमानना की तलवार लटक रही है।

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आज नगर परिषद ने जमीन तलाशने के लिए अपने अधिशाषी अभियंता को भी भेजा था। जमीन भी मिली किंतु वह 1 बीघा थी जबकि आवश्यकता 2 बीघा या इससे अधिक है। इस कारण इस जमीन को अपने कब्जे में लेने का प्रस्ताव बनने से पहले ही खारिज हो गया।

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दूसरी ओर डीएलबी या राज्य सरकार भी कचरा निस्तारण के लिए जो जमीन चाहती है, उसके अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि भी देने को तैयार नहीं है। आयुक्त प्रियंका बुडानिया का कहना है कि एक बीघा जमीन भूमि पर्याप्त नहीं है। इस कारण इस भूमि पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए विचार तक नहीं किया गया है।

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