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बसंती चौक की तालाबंदी को 10 दिन हो गये।

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जवाहरनगर क्षेत्र से एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव पायी गयी है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गिरधारीलाल मेहरड़ा ने बताया कि जवाहरनगर के सैक्टर नंबर 2 में कोरोना पॉजिटिव का मामला तीन दिन पहले सामने आया था। दिल्ली से लौटा एक दम्पती और उनका एक 19 माह का बालक कोविड-19 से संक्रमित पाया गया था।

श्री मेहरड़ा ने बताया कि इस परिवार की चोथी सदस्य भी करोना पॉजिटिव पायी गयी है। 55 वर्षीय महिला बालक की दादी है। उनकी रिपोर्ट शुक्रवार देर शाम को प्राप्त हुई।

दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 16000 के पार

उल्लेखनीय है कि बुधवार को एक ही परिवार के तीन लोगों के मामले सामने आने के उपरांत कोरोना जांच के लिए सैम्पल लेने का दावा किया गया था। तीन दिन तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं होना, निसंदेह स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य जिम्मेदार लोग भी संदेह के घेरे में है।

हैरानीजनक बात यह भी है कि इस बालक के दिल्ली से लौटने के उपरांत उसको जवाहरनगर में ही एक बच्चों के चिकित्सकों के पास ले जाया गया था। इस चिकित्सक ने बालक की जांच भी की थी। बालक और उसके माता-पिता के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के उपरांत भी उक्त चिकित्सक के अस्पताल को न तो बंद करवाया गया और न ही इस डॉक्टर को 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया गया।

वहीं दूसरी तरफ हैरानीजनक बात यह भी है कि इस परिवार से कई मीटर दूर तक निवास करने वाले लोगों को एक अघोषित जेल में बंद कर दिया गया है। जवाहरनगर के सैक्टर नंबर दो के सभी दरवाजों को कॉलोनी के बाहर से ताला लगा दिया गया है। उसी तरह से जैसे जेल में बंद कर दिया जाता है। यह लोग कभी भी संक्रमित लोगों के सम्पर्क में भी नहीं आये।

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कपड़ा व्यापारी राजू छाबड़ा ने कॉलोनी के लोगों की पीड़ा को जनता तक पहुंचाने के लिए आज सोशल मीडिया का सहारा लिया। श्री छाबड़ा सैक्टर नंबर दो के ही रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनको बंद कर दिया गया है। उनके काम धंधे बंद हो गये हैं। वहीं स्वास्थ्य जांच को लेकर जो प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिये, वह भी नहीं किया जा रहा।

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कपड़ा व्यापारी राजू छाबड़ा की ओर से वायरल किया गया मैसेज।

उनका दावा है कि गली-मोहल्लों को विषाणु मुक्त करने के लिए जो स्प्रे किया जाना चाहिये था वह नहीं किया जा रहा है। लोगों की हैल्थ स्क्रीनिंग तक नहीं की गयी।

 

राजकुमार का कहना है कि उनके घर में कोई भी व्यक्ति जांच के लिए नहीं पहुंचा।

वहीं मोहल्ले के अन्य लोगों ने भी अन्य माध्यमों से पीड़ा को बताया कि मीडिया को भी एंट्री नहीं करने दी जा रही है। मीडिया लोगों तक सच नहीं पहुंचा दे, इस कारण कॉलोनी को एक अस्थायी जेल बना दिया गया है। लोगों को उसमें कैद कर दिया गया है।

जवाहरनगर
जवाहरनगर के गेट पर ताला लगाने के बाद ड्यूटी करता पुलिस कर्मचारी।

जहां एक तरफ लॉकडाउन के नियमों में छूट दी जा रही है तो कोरोना संक्रमण का मामला आने के बाद जो करफ्यू लगाने का प्रावधान है, कम से कम उसमें भी तो नियमों में छूट हो।

राजू छाबड़ा का कहना है कि सब्जी-दूध वाले तक को कॉलोनी में नहीं आने दिया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी हुई है।

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उनका कहना है कि प्रशासन ने परमिट के आधार पर कॉलोनी से बाहर जाने की इजाजत का प्रावधान किया है लेकिन कोई अधिकारी जब कॉलोनी में नहीं पहुंच रहा तो इजाजत किससे ली जाये। किसी को बाहर नहीं जाने दिया जा रहा। कोई बीमार है तो उसकी जांच करने के लिए कोई हैल्थ डिपार्टमेंट की टीम नहीं आयी।

जवाहरनगर के गेट पर ताला लगाने के बाद ड्यूटी करता पुलिस कर्मचारी।

क्या परमिशन लेकर कॉलोनी से बाहर जाने के बाद कोरोना नहीं होगा?

राजू जैसे कॉलोनी में रहने वाले लगभग 5 हजार लोग यह सवाल उठा रहे हैं। उनको तालों में बंद कर किस बात की सजा दी जा रही है।

जवाहरनगर के गेट पर ताला लगाने के बाद ड्यूटी करता पुलिस कर्मचारी।

एक तरफ जिस संक्रमित बच्चे और उसके माता-पिता के सम्पर्क में आने वाले अस्पताल के डॉक्टर को क्वारेंटाइन नहीं किया गया। उस अस्पताल में भर्ती अन्य बच्चों की जांच नहीं की गयी।

वहीं इसी तरह का हाल बसंती चौक इलाके का भी है। जहां कोरोना वायरस के दो मामले सामने आये हैं।

श्रीगंगानगर का प्रशासनिक अमला यह भी भूल गया कि लोगों के पास आजादी का अधिकार भी है। तालाबंदी कर उनको अघोषित जेल में डाल दिया जाना न्यायोचित नहीं कहा जा सकता।

हनुमानगढ़ में पांच और कोविड-19 पॉजिटिव

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिला, जो श्रीगंगानगर से मात्र 50 किमी की दूरी पर है, वहां भी शुक्रवार को पांच और नये मामले सामने आये हैं। यह पांचों मुम्बई से लोटे थे। इन सभी की जांच की गयी जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। कोरोना पॉजिटिव पाये गये लोगों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है।