रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

नयी दिल्ली 21 अक्टूबर (वार्ता) सरकार ने रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ की महत्वाकांक्षी योजना को बढावा देने की नीति पर चलते हुए देश में ही बने रक्षा उत्पादों की 3300 करोड़ रूपये की खरीद को मंजूरी दी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज यहां हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में घरेलू रक्षा उद्योगों को मजबूती प्रदान करने वाले इस निर्णय को हरी झंडी दिखाई गयी। ये सभी उत्पाद घरेलू रक्षा उद्योगों द्वारा देश में ही डिजायन और विकसित तथा बनाये जायेंगे। यह पहला मौका है जब रक्षा मंत्रालय ने देश के निजी क्षेत्र को जटिल तथा महत्वपूर्ण रक्षा उत्पाद बनाने का मौका दिया है।

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रक्षा मंत्रालय के अनुसार मेक इन इंडिया के तहत रक्षा परिषद ने 3300 करोड़ रूपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी। पहली दो परियोजनाओं में टी -72 और टी-90 टैंकों के लिए तीसरी पीढी की टैंक रोधी गाइडेड मिसाइल और अक्जलरी पॉवर यूनिट (एपीयू) बनायी जायेंगी। इससे सेना की मारक क्षमता कई गुना बढ जायेगी और इससे उसे ‘फायर एंड फोरगेट ’ और ‘टॉप अटैक ’ क्षमता हासिल हो जायेगी। एपीयू की बदौलत सेना की रात में भी टैंकों से हमला करने की क्षमता बढेगी।
ये दोनों परियोजना मेक-2 श्रेणी के तहत होगी और इनसे देश में निजी क्षेत्र में अनुसंधान तथा विकास को बढावा मिलेगा। तीसरी परियोजना पर्वतीय तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इलेक्ट्रानिक वारफेयर प्रणाली विकसित करने से जुड़ी है। यह प्रणाली रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ)द्वारा विकसित की जायेगी।


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