10वीं कक्षा की इतिहास की पुस्तक में महाराणा प्रताप से जुड़ी सामग्री में दुर्भावनावश किए गए बदलाव पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया

– मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गौरवपूर्ण इतिहास से छेड़छाड़ नहीं करने की माँग

श्रीगंगानगर, 27 जून 2020: 10वीं की कक्षा की इतिहास की पुस्तक में महाराणा प्रताप से जुड़ी सामग्री में दुर्भावनावश किए गए बदलाव पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए गौरवपूर्ण इतिहास से छेड़छाड़ नहीं करने की माँग की गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला मंत्री विक्रम सिंह राठौड़ ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में लिखा है कि 10वीं कक्षा की इतिहास की पुस्तक के अध्याय-2 में महाराणा प्रताप से जुड़ी सामग्री में बदलाव कर दुर्भावनावश युद्ध में अकबर की सेना की असफलता सिद्ध करने वाले तथ्य हटाये गये हैं और यह भ्रम पैदा किया गया है कि हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की हार हुई थी।

जबकि 2017 से चल रही पुस्तक में इतिहासकारों की पाठ्यक्रम कमेटी ने अनेक इतिहासकारों के आकलन के आधार पर उन तथ्यों का उल्लेख किया था जो अकबर की सेना की असफलता सिद्ध करते हैं। इसी तरह महाराणा प्रताप के पुत्र अमर सिंह द्वारा अब्दुल रहीम खानखाना के परिवार की स्त्रियों को बंदी बनाकर लाने पर प्रताप के नाराज होने एवं उन्हें सकुशल वापिस उनके शिविर में छोडक़र आने के आदेश के प्रसंग को भी हटा दिया गया है जिसमें महाराणा प्रताप का उदात्त चरित्र एवं मानवीय गुणों के प्रति उनके उच्च कोटि के समर्पण की झलक मिलती है। साथ ही जिससे विद्यार्थियों को हर परिस्थिति में मानवीयता का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।

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जिला मंत्री विक्रम सिंह राठौड़ ने कहा कि इस सब बदलाव से स्पष्ट होता है कि हमारे महान पूर्वजों के उज्ज्वल इतिहास के प्रति राज्य की कांग्रेस सरकार का शिक्षा विभाग दुर्भावना व कुंठा से ग्रसित है। पूर्व में भी शिक्षा मंत्री द्वारा मीडिया के माध्यम से महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी के विषय में विवादास्पद बयान दिया था जिसकी सभी तरफ आलोचना होने पर मीडिया के सामने प्रताप की महानता तो स्वीकार की, लेकिन पृष्ठद्वार से पाठ्यक्रम में अपनी पसंद अनुसार बदलाव भी करवा दिया है।
जिला मंत्री विक्रम सिंह राठौड़ ने कहा कि गौरवपूर्ण इतिहास संपूर्ण समाज की थाती होती है, उससे आने वाली पीढ़ी प्रेरणा लेकर अपने भावी जीवन की दिशा और दशा तय करती है ऐसे में किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत दुर्भावनावश उसके साथ छेड़छाड़ करना प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर दुर्भाग्य की बात है।

जिला मंत्री विक्रम सिंह राठौड़ ने मुख्यमंत्री से माँग की है कि इस बदलाव को दुरस्त करवाया जाए तथा किसी की व्यक्तिगत पसंद-नापसंद एवं कुंठा और दुर्भावना के कारण भावी पीढ़ी को उदात्त मानवीय गुणों की प्रेरणा देने वाले गौरवपूर्ण इतिहास से कांग्रेस सरकार के विभाग द्वारा कोई छेड़छाड़ नहीं की जाए।