भारत के प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय रेल। फाइल चित्र

राजस्थान के श्रीगंगानगर जंक्शन से 1 जून से कोई भी रेलगाड़ी नहीं चलायी गयी है। श्रीगंगानगर से पूर्व में राजधानी दिल्ली, मुम्बई तथा दक्षिण भारत के लिए रेल सेवा का संचालन होता था।इनमें अधिकांश रेलगाड़ियां नरेन्द्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में ही आरंभ की गयीं।

सरकार ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान रेल सेवाओं को भी बंद कर दिया। उसके उपरांत 1 जून से 200 स्पैशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया।

लॉकडाउन में छूट देने और स्पेशल ट्रेन चलाने के निर्णय के बावजूद अभी तक स्थानीय स्तर पर लोकल ट्रेन को भी नहीं चलाया जा सका है।

श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर अनेक रैक खड़े हैं और उनका सदुपयोग करते हुए रेल संचालन किया जा सकता था। राजधानी दिल्ली के लिए भी सीधी रेल सेवा आरंभ करते हुए व्यापारियों व अन्य जन को राहत दी जा सकती थी।

दूसरी ओर सरकार 8 जून से मंदिरों को भी खोलने का निर्णय कर चुकी है। उस स्थिति में श्रीगंगानगर से जम्मू-कटड़ा के लिए भी रेलगाड़ी का संचालन किया जा सकता है।

इससे माता दुर्गा के भक्तों को आसानी से मां के दर्शन हो सकेंगे। यह मांग पिछले 70 सालों से अर्थात आजादी के बाद से हो रही है किंतु इस मांग की ओर कभी रेल मंत्रालय ने ध्यान ही नहीं दिया।

अगर यह रेलगाड़ी आरंभ होती है तो इससे श्रीगंगानगर जिले की करीबन 25 लाख की आबादी के साथ-साथ पंजाब के फाजिल्का, मुक्तसर व भटिण्डा आदि जिलों के लोगों को भी लाभ होगा।

जन-जीवन और व्यापारिक गति को बढ़ावा देने के लिए सरकार को पहल करनी ही होगी।