श्रीगंगानगर। रविवार को जब विश्व योग दिवस मना रहा होगा, उस समय सूर्य ग्रहण एक चेतावनी भी लेकर आयेगा। शनिवार प्रात: 10.13 बजे से लेकर दोपहर 1.38 बजे तक ग्रहणकाल होगा। हालांकि सूतक शनिवार रात 10.13 बजे ही आरंभ हो जायेगा, इस कारण रविवार प्रात: मंदिरों के कपाट नहीं खुलेंगे। कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण पर मेला भी इस साल नहीं लग पायेगा, क्योंकि कोरोना संकट के कारण प्रशासन ने इसको स्थगित कर दिया है।

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ज्योतिष विद्या के जानकार बताते हैं कि सूर्यग्रहण के उपरांत कोरोना का असर विश्व में ज्यादा दिखाई दे सकता है।

सूर्य का इस समय वास मिथुन राशि में है। इसका स्वामी बुध ग्रह है। बुध ग्रह मानव शरीर के कान, नाक, गले अर्थात ईएनटी डिपार्टमेंट का स्वामी भी है। ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि शरीर के प्रत्येक अंग की अलग-अलग ग्रह स्वास्थ्य की भी जिम्मेदारी संभालते हैं।

जानकारों के मुताबिक, सूर्य ग्रहण मिथुन राशि में है। उसका स्वामी बुध ग्रह है। अर्थात बुध भी ग्रहण से प्रभावित होगा। जब वह प्रभावित होगा तो मनुष्य के कान, नाक और गले, वाणी का स्वास्थ्य भी प्रभावित होगा।

कोरोना वायरस नाक के माध्यम से प्रवेश करता है। इस तरह से इस रोग के बढ़ने की आशंका भी जतायी जा रही है।

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हालांकि इसका असर 15 जुलाई से पूर्व समाप्त हो जायेगा। भारत में कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि कोरोना का पिकटाइम जून और जुलाई मध्य के बीच हो सकता है।

वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पं. जगतपाल शर्मा भी कहते हैं कि कोरोना के साथ-साथ चीन से तनाव भी जुलाई के मध्य तक बने रहने की संभावना है। हालांकि कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे।

उन्होंने लोगों से अपील भी कि वे हनुमान चालिसा का नियमित रूप से पाठ करें। ग्रहण के समय भी चालिसा पाठ सर्वोत्तम रहेगा।

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कोरोना वायरस के भय से मुक्ति के लिए ज्योतिषाचार्य ने मां दुर्गा के देवी संकटा स्तुति का पाठ करने की सलाह दी है।

दूसरी ओर हरियाणा सरकार ने कोरोना को देखते हुए सूर्य ग्रहण पर लगने वाले पांरपिरक मेले की इजाजत नहीं दी है।

कोरोना महामारी के कारण इस बार कुरुक्षेत्र एवं पिहोवा में सूर्य ग्रहण मेला स्थगित कर दिया गया है। जनकल्याण हेतु ब्रह्मसरोवर पर पूजा का विशेष कार्यक्रम होगा, उसका विभिन्न माध्यम से सीधा प्रसारण किया जायेगा। लोगों से घरों में रहकर ही पूजा करने के लिए कहा गया है।