सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत का फैसला, एक माह के लिए गुंडा एक्ट का दोषी जिला बदर

वायदा कारोबार में लगा था फटका
श्रीगंगानगर। वायदा कारोबार में फटका खाया एक व्यापारी अपनी प्रोपर्टी को रिश्तेदारों के नाम पर ट्रांसफर कर रहा था। इस तरह की जानकारी सामने आने पर लेनदार व्यापारी ने अदालत का सहारा लिया है। अदालत ने अलग-अलग दो मामलों में याचिका पर फैसला देते प्रोपर्टी बेचने और ट्रांसफर पर रोक लगा दी है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वायदा कारोबार में एक व्यापारी ने कस्टड पर दांव खेला था, जो उसको भारी पड़ गया। उसको करोड़ों रुपये का फटका लगा। फटका कितनी राशि का लगा, यह जानकारी तो सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पायी, किंतु उसको लगे फटके से एक अन्य व्यापारी चपेट में आ गया। इस व्यापारी से उसने करीबन 40 करोड़ रुपये ऑनलाइन लिये।
लगभग 40 करोड़ रुपये की लेनदारी के लिए दोनों पक्षों में पिछले दो माह से बैठकों का दौर चलता रहा। इस दौर जिस व्यापारी ने 40 करोड़ रुपये देने थे, वह अपनी प्रोपर्टी को अन्य रिश्तेदारों के नाम पर ट्रांसफर करता रहा।

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इस मामले में लेनदार व्यापारी ने अदालत की शरण ली है। अदालत ने उसकी याचिका पर फैसला भी सुनाया है। अदालत ने व्यापारी और उसके परिवार के पांच सदस्यों के नाम पर दर्ज प्रोपर्टी के ट्रांसफर अथवा बेचने पर रोक लगा दी है। इसके अतिरिक्त अदालत ने एक अन्य फैसले में पिछले दो माह के दौरान जो प्रोपर्टी ट्रांसफर हुई है, उसको बेचने पर भी रोक लगा दी गयी है।
40 करोड़ की लेनदारी का यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अरंडी ने पिछले दिनों तेजी के बाद अचानक ही अपना रास्ता बदला था और श्रीगंगानगर के कुछ व्यापारियों को कई करोड़ रुपये का फटका दिया था। इससे नई धानमंडी के अनेक व्यापारी घाटे में चले गये थे, जबकि उक्त युवा व्यापारी को भी इसी अरंडी ने अर्श से फर्श पर ला दिया है।