भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, फाइल फोटो

पंजाब की महान परंपरा को विश्व में घर-घर तक पहुंचाने वाली संस्था सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री दरबार साहिब, संस्था को मोदी सरकार का भी बड़ा सहयोग प्राप्त हुआ है। श्री हरमंदिर साहिब का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकरण किया गया है।

इस बड़ी खुशखबरी को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर दुनिया के साथ साझा किया। श्री शाह ने आज अपने ट्वीट संदेश में कहा ,“श्री दरबार साहिब की दिव्यता हम सबको शक्ति प्रदान करती है। कई दशकों से दुनियाभर में व्याप्त संगत उनकी सेवा नहीं कर पा रही थी। मोदी सरकार के श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए की अनुमति देने के फैसले से दरबार साहिब और पूरे विश्व में उनकी संगत के बीच सेवाभाव और अधिक गहरा होगा। यह हम सबके लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है।”

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा, “वाहे गुरु जी ने यह सेवा करने का मौका प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को दिया यह भी बहुत सौभाग्य की बात है। श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए की अनुमति देना एक पथप्रदर्शक निर्णय है जो फिर एक बार हमारे सिख बहनों और भाइयों की सेवा की उत्कृष्ट भावना को प्रदर्शित करेगा”।

गृह मंत्री अमित शाह ने श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकरण की अनुमति दिए जाने के सरकार के फैसले को पथप्रदर्शक और ऐतिहासिक बताया है।

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने बुधवार को सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री दरबार साहिब, पंजाब संस्था को एफसीआरए पंजीकरण की मंज़ूरी प्रदान की थी। इस संस्था ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत गत 27 मई को आवेदन किया था। यह पंजीकरण जारी होने की तारीख़ से 5 साल तक वैध रहेगा।

पंजाब के अमृतसर में स्थित और स्वर्ण मंदिर के नाम से प्रसिद्ध, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री दरबार साहिब संस्था की स्थापना 1925 में सिख गुरुद्वारा अधिनियम के तहत हुई थी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को चौबीस घंटे निशुल्क लंगर उपलब्ध कराना, गरीब और ज़रूरतमंदों, छात्रों को वित्तीय सहायता देना, ज़रूरतमंद लोगों को चिकित्सा के लिए वित्तीय मदद देना और प्राकृतिक आपदा के समय सेवा प्रदान करना है। इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए संस्था को घरेलू दान मिल रहा था। केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति मिलने के बाद अब यह संस्था एफसीआरए के प्रावधानों का पालन करते हुए बताए गए उद्देश्यों को पूरा के लिए विदेशों से भी अंशदान हासिल कर सकती है।

मोदी सरकार के नये आदेश जारी होने के बाद पंजाबी समुदाय ने सरकार के प्रति आभार व्यक्ति किया है।

वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल प्रात: 11 बजे नई शिक्षा नीति पर अपना संबोधन देंगे। नई नीति में देश में स्कूली शिक्षा में व्यापक सुधार की बात है। स्कूल स्तर पर 8 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए बचपन देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) के सार्वजनिकरण, स्कूल पाठ्यक्रम की 10+2 संरचना को 5+3+3+4 पाठ्यचर्या संरचना में बदलने, 21वीं सदी के कौशल, गणितीय सोच और वैज्ञानिक रुझान के पाठ्यक्रम को एकीकृत करने, स्कूली शिक्षा के लिए नए व्यापक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के ढांचे का विकास करने, शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पेशेवर मानक तैयार करने, मूल्यांकन सुधार और छात्रों की 360 डिग्री समग्र प्रगति कार्ड, और कक्षा 6 के बाद से व्यावसायिक एकीकरण पर ज़ोर दिया जा रहा है।

देश में शिक्षकों को सम्मानित करने और नई शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार से 25 सितंबर तक शिक्षा पर्व मनाया जा रहा है। देश भर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर विभिन्न वेबिनार, वर्चुअल सम्मेलन और सभाएं आयोजित की जा रही हैं।

मोदी ने आबे से फोन पर की बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान के निवर्तमान प्रधानमंत्री शिंजो आबे से टेलीफोन पर आज बात की और भारत जापान संबंधों को विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझीदारी के स्तर पर ले जाने के लिए उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

विदेश मंत्रालय ने यहां बताया कि दोनों नेताओं ने एक दूसरे के देशों में अपनी यात्राओं एवं अनुभवों को याद किया। श्री मोदी ने भारत एवं जापान के बीच संबंधों को सशक्त बनाने में श्री आबे के योगदान एवं प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने मुंबई अहमदाबाद हाईस्पीड रेलवे परियोजना सहित विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझीदारी के अंतर्गत जारी संयुक्त परियोजनाओं में प्रगति की समीक्षा की और माना कि कोविड पश्चात विश्व में भारत जापान की मजबूत साझीदारी वैश्विक समुदाय के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

दोनों नेताओ ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच साजो-सामान की आपूर्ति तथा सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने का स्वागत किया और कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने वाले इस समझौते से हिन्द प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा स्थापित करने में मदद मिलेगी।

भारत में बाजार पहुंच चाहने वाले देशों को भी अपना क्षेत्र खोलना होगा: पीयूष

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरूवार को कहा कि भारत के 130 करोड़ लोगों के बाजार में पहुंच मांगने वाले देशों को भी अपने घरेलू बाजार भारतीय कंपनियों के लिए खोलने होगें। श्री गोयल ने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के छात्रों को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार व्यापार के अनुकूल माहौल बनाने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है। पिछले पांच साल के दौरान इस दिशा में महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार किए गए है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की वार्ताएं चल रही है लेकिन भारत शुरुआती समझौता करने के लिए तुरंत तैयार है।

उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका मकसद भारत के बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए बंद करना नहीं है बल्कि भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर लाना है।

हिन्द महासागर क्षेत्र में सहयोग बढायेंगे भारत और फ्रांस

भारत और फ्रांस के रक्षा मंत्रियों ने आज द्विपक्षीय सहयोग से संबंधित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की और हिन्द महासागर क्षेत्र में सामरिक सहयोग को और बढाने पर जोर दिया। भारत की यात्रा पर आयी फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले ने आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ शिष्टमंडल स्तर पर द्विपक्षीय बैठक की। दोनों के बीच यह बैठक अंबाला वायु सेना स्टेशन पर हुई। श्रीमती पार्ले फ्रांस से खरीदे गये 36 रफाल लड़ाकू विमानों में से पहली खेप के पांच विमानों के आज वायु सेना में विधिवत तौर पर शामिल किये जाने के लिए आयोजित समारोह में हिस्सा लेने के लिए भारत यात्रा पर आयी हुई हैं। इस समारोह के बाद दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच अंबाला वायु सेना स्टेशन पर ही द्विपक्षीय बैठक हुई।

सूत्रों ने बताया कि दोनों रक्षा मंत्रियों ने द्विपक्षीय सहयोग के व्यापक मुद्दों की समीक्षा की और परस्पर महत्व के क्षेत्रीय तथा वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया। दोनों देशों ने जोर देकर कहा कि भारत और फ्रांस को वर्ष 2018 के हिन्द महासागर क्षेत्र में सामरिक सहयोग पर संयुक्त सामरिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए मिलकर काम करना चाहिए। श्रीमती पार्ले ने बाद में राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की।

कोविड काल में लोकसभा हुई डिजीटाइज़्ड, मोबाइल ऐप से सांसद लगाएंगे हाजिरी

आगामी सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में दाेनों सदनों का नजारा बदला हुआ होगा। लोकसभा का कामकाज शत प्रतिशत डिजीटाइज़्ड हो जाएगा। सदस्य संसद में अपनी हाजिरी एक मोबाइल ऐप्लीकेशन के माध्यम से लगाएंगे। कार्यवाही के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार सदस्यों के बैठने की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया गया है। लोकसभा में केवल 257 सदस्यों को बैठने दिया जाएगा। लोकसभा की दर्शक दीर्घा में 172, राज्यसभा की दर्शक दीर्घा में 51 जबकि राज्यसभा के सदन में 60 सदस्यों के बैठने का स्थान होगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यहां संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि सभी राजनीतिक दलों को लोकसभा में उनकी संख्या के अनुपात के आधार पर अलग अलग जगहों पर सीटें आवंटित करके उन दलों के नेताओं को जानकारी दे दी गई है। अब किस सांसद को कहां बैठाना है, यह निर्णय दल का नेता करेगा। दलों के नेताओं को यह सलाह भी दी गयी है कि 60 से अधिक आयु वाले सदस्यों को मुख्य सदन में भी बिठाया जाय।

उन्होंने कहा कि सांसदों को उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अब रजिस्टर में हस्ताक्षर करने की जरूरत नहीं होगी। उनके लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन बनाया गया है। यह ऐप संसद भवन परिसर में आने पर ही सक्रिय होगा और मोबाइल के कैमरे से तस्वीर खींच कर सांसदों की उपस्थित दर्ज की जाएगी।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि 17वीं लोकसभा ने उत्पादकता को लेकर कीर्तिमान रच दिया है। सदन की अभी तक की कुल उत्पादकता 110 प्रतिशत रही है जो एक रिकार्ड है।
एक सवाल के जवाब में श्री बिरला ने स्पष्ट किया कि इस बार वह सर्वदलीय बैठक नहीं बुला रहे हैं। कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों में संवैधानिक दायित्व को पूरा करने के लिए आयोजित संसद के मानसून सत्र के पहले 13 सितंबर को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक होगी जिसमें तकरीबन सभी दलों के सदस्य रहेंगे।

केंद्र मोरेटोरियम अवधि के ब्याज की छूट पर विचार करे : सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को ऋण अधिस्थगन (लोन मोरेटोरियम) अवधि के दौरान लगाए गए ब्याज को माफ़ करने पर विचार करने का गुरुवार को निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र को इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और सभी संबंधित बैंकों से परामर्श करने के लिए कहा और अदालत के समक्ष दायर याचिकाओं के मामले में उठाए गए सभी मुद्दों पर ठोस निर्णय के साथ आने का भी निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने अप्रत्यक्ष रूप से ऋण पुनर्भुगतान मोरेटोरियम को भी 28 सितंबर तक बढ़ा दिया है। न्यायालय ने इससे पहले गुरुवार को लोन मोरेटोरियम मामले में लोगों को अंतरिम राहत देते हुए कहा था कि यदि बैंक ने अगस्त तक बैंक ऋण खाते को गैर निष्पादित राशि (एनपीए) घोषित नहीं किया है तो उसे अगले दो महीने तक भी एनपीए घोषित नहीं किया जाए।