नई दिल्ली। विश्व भर में कोरोना वायरस चिंता का कारण बना हुआ है। जिन देशों में लगा था कि वहां कोरोना पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया है, वहां फिर से नये मामले सामने आने लगे हैं। अकेला चीन ऐसा देश है, जहां कोरोना नियंत्रित कहा जा सकता है। पाकिस्तान ने तो कोरोना पर नियंत्रण के लिए अनूठा फार्मूला आजाद किया है। वहां कोरोना की जांच ही सबसे कम हो रही है। गुरुवार को पूरे पाक में मात्र 21 हजार 628 जांच ही हुई है। जबकि भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में ही 24 घंटों के दौरान करीबन 90 हजार लोगों की जांच की गयी।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि 30 जुलाई तक कोरोना के ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 10,20582 हो गई है। रिकवरी रेट 64.44 प्रतिशत दर्ज हो गया है। देश की औसतन मृत्यु दर आज 2.21 है। मरीजों की कुल संख्या 16 लाख 39 हजार 350 हो गयी है। 24 घंटों के दौरान 54 हजार 750 नये मरीज मिले हैं। राजस्थान में 1 हजार 156, पंजाब में 510 नये मरीज मिले।

महाराष्ट्र अभी भी पहले स्थान पर कायम है। वहां 11 हजार 147 नये मरीज मिले हैं। कोविड19इंडिया.ओरजी के अनुसार 54 हजार से अधिक लोगों के सैम्पल भी लिये गये। वहीं उत्तरप्रदेश में मरीजों की संख्या 81 हजार 039 हो गयी है। गुरुवार को 3 हजार 705 नये मरीज मिले हैं।

उत्तरप्रदेश में मरीज भले ही 81 हजार के करीब पहुंच गये, किंतु वहां राहत की बात यह है कि कोविड से लड़ने के लिए राज्य सरकार ने आधारभूत ढांचा मजबूत कर लिया है। वहां 89 हजार मरीजों की जांच की गयी है। जो देश में सर्वाधिक है। वहां अब तक 22 लाख लोगों के सैम्पल लिये जा चुके हैं। तमिलनाडू जांच में प्रथम स्थान पर है। वहां 26 लाख लोगों कोविड नमूने लिये गये हैं। हालांकि वहां मरीजों की संख्या भी 2 लाख 39 हजार से ज्यादा हो गयी है। वहां 58 सौ से ज्यादा मरीज गुरुवार को जांच के दौरान मिले।

चिंता बिहार की करनी चाहिये। वहां मरीजों की संख्या 48 हजार पहुंच गयी है। वहां गुरुवार को भी मात्र 20 हजार लोगों की ही जांच की गयी। अब तक राज्य में सवा पांच लाख ही जांच हो पायी है। वहां पर 24 घंटों के दौरान 2 हजार से अधिक नये रोगी भी मिले हैं। प्रदेश की आबादी करीबन 10 करोड़ है। 10 करोड़ की आबादी में सवा पांच लाख के करीब लोगों की जांच होने से यह साफ होता है कि वहां स्वास्थ्य ढांचा काफी कमजोर है जिसको युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मजबूत करना होगा।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रोगियों की संख्या 2 सौ से ज्यादा हो गयी है। करीबन 25 लाख की आबादी वाले जिले में जांच सिर्फ 13 हजार लोगों की हो पायी है। वहीं जोधपुर-जयपुर में दो लाख से ज्यादा लोगों के सैम्पल लिये गये हैं। कम आबादी वाले राजसमंद और चुरू जैसे छोटे जिलों में ही ज्यादा जांच हो चुकी है। इससे श्रीगंगानगर के स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली भी उजागर होती है।

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