डोनाल्ड ट्रम्प
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। फाइल फोटो

लंदन/फ्रांस/रोम/न्यूयार्क । अपने अबूझ संक्रमण रोग के कारण दुनिया के सामने पहेली बनकर सामने आये कोरोना वायरस से निपटने के लिए दुनिया बंटी हुई ही नहीं बल्कि भयभीत भी नजर आ रही है। राष्ट्राध्यक्षों के पास सलाहकारों की लम्बी फौज है लेकिन वे उस दौर में पहुंच गये हैं, जहां उन्हें एक रास्ते का चुनाव करने में परेशानी हो रही है। अमेरिका में महामारी का रूप धारण कर कोराना ने इस शक्तिशाली राष्ट्र में लोगों को दोराहे पर खड़ा कर दिया है। वे समझ नहीं पा रहे कि लॉकडाउन की तरफ जाएं या खुला रहकर इस महामारी का सामना करें। कोरोना की बीमारी को देखकर पहले ही आपातकाल लगा चुका है लेकिन इसके बावजूद वह अपने लोगों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा देने में कामयाब होता नहीं दिख रहा है। वहीं ट्रम्प प्रशासन के प्रमुख अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया के समक्ष स्वीकार किया है कि यह वायरस 2 लाख अमेरिकियों की जान ले सकता है। दूसरी ओर स्पेन की राजकुमारी की मौत की खबर भी आज सुर्खियां बनी रहीं।

कोरोना वायरस का जो कहर नजर आया है, उससे राष्ट्राध्यक्षों को बैकफुट पर ला दिया है। इस महामारी ने काल का रूप् धारण कर लिया है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका सहित पूरा विश्व इसकी चपेट में है। यह पहला रोग है जिसमें अमीरों की अधिक संख्या में मौत हुई है, बनिस्पत गरीब लोगों के। हालांकि बीमारी धर्म, जाति और आय वर्ग का भेद नहीं करती, किंतु जिस तरह से विश्व में उच्चस्तर की चिकित्सा सुविधाओं वाले यूरोपीय देश फेल हुए हैं। अमेरिका का न्यूयार्क शहर बर्बाद हो गया है, उससे एशियाई देश अधिक चिंतित हैं, जो इन देशों के मुकाबले चिकित्सा के क्षेत्र में उतने मजबूत नहीं हैं।

रविवार को विश्व में पहचान रखने वाले तीन लोगों की मौत हो गयी। स्पेन की राजकुमारी मारिया टेरेसा, अमेरिका के प्रमुख संगीतकार जेओ डिफी तथा दक्षिण अफ्रीकी देश जिम्मब्बावे के सबसे अमीर लोगों में शामिल और अश्वेत पत्रकार ज़ोरो मकोम्बा की मौत हो गई।

अमेरिका में मौत का आकड़ा 2436 हो गया है। रात 3 बजे तक जो रिपोर्ट प्राप्त थी, उसमें एक लाख 39 हजार 675 लोग संक्रमण से पीड़ित होकर अस्पतालों में पंजीकृत हुए थे। विश्व में कुल 7 लाख 18 हजार 685 लोग संक्रमण से पीड़ित हुए हैं। 33 हजार 881 लोगों की मौत हो चुकी है। यूरोप में ही 20 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। यूरोपीय देशों में इंग्लैण्ड के राजकुमार चार्ल्स, प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन तथा जर्मन की चांसलर एंजेला मार्केल क्वांरटीन हैं। स्पेन की राजकुमारी की मौत की खबर से भी यूरोप हिल गया है।

अमेरिका में भी इस समय लॉकडाउन को लेकर अजीब सी स्थिति है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि वह न्यूयार्क और देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद होते नहीं देख सकते। वे लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है। हालांकि वे चाहते हैं कि कुछ प्रतिबंध लगाये जाएं। लोग अनावश्यक यात्राओं से बचें। दूसरी ओर ट्रम्प प्रशासन के कोरोनोवायरस टास्क फोर्स के चेहरे डॉ. एंथोनी फौसी ने रविवार को भविष्यवाणी के बाद अमेरिका में हड़कम्प मच गया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में जो हालात हैं, उससे वे अनुमान लगा सकते हैं कि अमेरिका में 2 लाख तक लोग कोरोनों के कारण मारे जा सकते हैं। उन्होंने सीएनएन को दिये साक्षात्कार में यह भी साफ किया कि यह सिर्फ अनुमान है। इसको यह नहीं कहा जाये कि ऐसा ही होगा।

वहीं राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर से मीडिया के खिलाफ बयान दिया है। उनका आरोप है कि मीडिया उनको फेल करने का प्रयास कर रहा है। ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि अमेरिका में इस समय विश्व में सर्वाधिक संक्रमण पीड़ित लोग हैं। चीन और इटली के मुकाबले ज्यादा, लेकिन इन दोनों के मुकाबले मृत्यु दर काफी कम है।

अमेरिकी कांग्रेस की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्य व्यवहार की निंदा की है। एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका में महामारी से निपटने के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हुआ है। उपकरण की खरीद हो या लोगों की जांच का कार्य, सब देरी से हुआ। इस कारण आज अमेरिका में इस तरह के हालात बने हैं। उन्होंने कहा कि 20 दिन पहले 500 मामले और 17 मौतें थीं। इसके उपरांत भी हम इस महामारी से लड़ने के लिए खुद को तैयार नहीं कर सके। आज हमारे पास 2,000 से अधिक मौतें और 100,000 से ज्यादा संक्रमण के मामले हैं। ”

पश्चिम एशियाई देश इरान में भी अभी हालात काबू में नहीं कहे जा सकते। समाचार एजेंसी रायटर के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि कोरोनोवायरस की मौत का आंकड़ा 2,640 हो गया है, मध्य पूर्व के सबसे गर्म देश में पिछले 24 घंटों में 123 मौतें हुईं और 2,901 लोग संक्रमित हुए।

दक्षिण एशियाई देश पाकिस्तान में मौत की संख्या 16 पहुंच गयी है। वहां पंजीकृत मामले 1589 दर्ज हुए हैं। 28 मरीज इलाज में ठीक भी हुए हैं। यह जानकारी अंग्रेजी अखबार डॉन ने दी है। दूसरी ओर उर्दू अखबार जंग का कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने सभी हाइवे और मालगाड़ियों को पुन: चालू करने का निर्णय लिया है। सरकार की मंशा निर्माण कार्य आरंभ करने की भी है। पीएम इमरान खान का कहना है कि देश के गरीब व मजदूरों के लिए लॉकडाउन घातक होगा। पाकिस्तान ने आईएमएफ से लोन लेने की भी कोशिश कर दी है। कुछ ही दिन पहले लॉकडाउन किया गया था और अब पीटीआई सरकार अपने ही निर्णय का स्वयं ही बचाव करते हुए नजर आ रही है। पाक सरकार ने हाथ खड़े करते हुए कहा है कि सरकार के पास इतनी क्षमता नहीं है कि वह इस महामारी से अकेले लड़ सके। इमरान ने विदेशी पाकिस्तानियों से भी मदद करने का आग्रह किया है। ध्यान रहे कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कुछ माह पहले भी पाक सरकार ने भारी लोन लिया था। अब वह कोरोना से लड़ने के लिए मदद मांग रहा है। एफएटीएफ ने उसको पहले ही आतंकवादियों की मदद करने के मामले में ग्रे लिस्ट में रखा हुआ है। चीन ने उसको कुछ संख्या में मास्क और किट देने का आश्वासन दिया है।

ब्रिटेन एक हजार से अधिक मौत के आकड़े के साथ कोविड-19 से पीड़ित देशों की सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वहां 1228 मौत हो चुकी है और 19 हजार 522 मामले दर्ज किये गये हैं। प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य सचिव भी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। पूरे ब्रिटेन में लॉकडाउन कर दिया गया है। इसके बावजूद भी लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं जो सरकार की चिंता का सबसे बड़ा कारण है।

यूरोपीय देश फ्रांस में रविवार को 292 मौत हो गई। इस तरह से इस देश में भी 2606 लोग मारे जा चुके हैं। कोरोना से मरने वालों की संख्या के मामले में इटली, स्पेन, चीन के बाद फ्रांस चौथा देश है। अमेरिका पांचवें नंबर पर है। पिछले 24 घंटों के दौरान स्पेन में 838 मौत हो चुकी है।

वहीं यूरोपीय देश ग्रीनलैंड ने कोरोना वायरस के बाद अपने देश में लॉकडाउन किया हुआ है। इस कारण घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने राजधानी नुउक में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे बच्चों के प्रति हो रही हिंसक घटनाओं को कम किया जा सकेगा।

चेन्नई पुलिसकर्मी राजेश बाबू ने लोगों को कोरोना के प्रकोप के खिलाफ सावधानी बरतने के लिए एक रचनात्मक तरीका खोजा है। उन्होंने कोरोना की थीम वाला हेलमेट पहना और लोगों को सड़कों पर खड़े होकर सतर्क रहने के लिए कहा।

संयुक्त अरब अमीरात ने जिसने रविवार को 570 को आधिकारिक तौर पर COVID-19 मामलों में घोषित किया था, जिसमें तीन मौतें हुईं, रात की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया और बाहरी क्षेत्रों और सार्वजनिक परिवहन को साफ करने के लिए कदम उठाए।

जापान में एक बार रोक के बाद कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या में इजाफा होने लगा है। समाचार एजेंसी रायटर्स ने कहा है कि रविवार को 68 नये मामलों की पुष्टि हुई है। जापान में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है।

नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी ने सबसे बड़े शहर लागोस और राजधानी अबुजा में दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन कर दिया है। यह आशिंक रूप् से लागू किया गया है।