भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, फाइल फोटो

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र के नाम मंगलवार को संबोधन रहा। इस संबोधन में उन्होंने 80 करोड़ गरीब लोगों को आगामी नवंबर माह तक नि:शुल्क राशन सामग्री उपलब्ध करवाने की घोषणा की है। अगले पांच माह तक “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना” निरंतर जारी रहेगी जो आज जून माह के आखरी दिन समाप्त हो जानी थी।

भविष्य में जब कभी कोरोना काल को याद किया जायेगा तो उस समय गरीबों के लिए सबसे बड़े रहनुमा के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सर्वोच्च स्थान होगा। 130 करोड की आबादी वाले देश में लगभग तीन माह तक लॉकडाउन रहा और इस दौरान एक भी ऐसा प्रकरण सामने नहीं आया जब कोई बिना भोजन के सोया हो। भोजन के अभाव में बीमार हो गया हो। यह लाइन स्वर्ण अक्षरों में लिखी जायेगी।

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वहीं कुछ अफ्रीकी देशों में भोजन वितरण के समय ऐसी अव्यवस्था उत्पन्न हुई कि भोजन प्राप्ति के समय उन लोगों को गोलियां खानी पड़ीं। दर्जनों लोगों को मौत के मुंह में समा जाना पड़ा था। दूसरी ओर इन देशों से कहीं अधिक आबादी वाले भारत देश में उचित मूल्य दुकानों अथवा अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से भोजन उपलब्ध करवाया गया। गेहूं ही नहीं बल्कि चावल और चने की दाल तक उपलब्ध हुई।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, देश में त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है और इसे ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार गरीब तबके के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार नवम्बर तक किया जा रहा है। इसके तहत गरीब परिवारों के हर सदस्य को हर महीने पांच किलो गेहूं या चावल और एक किलो चना मुफ्त दिया जायेगा। उन्होंने कहा , “योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता है।”

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श्री मोदी ने यह भी कहा कि अमेरिका से दो गुणा से भी ज्यादा आबादी को भारत सरकार ने नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोमवार शाम को घोषणा की गयी थी कि पीएम नरेन्द्र मोदी मंगलवार दोपहर 4 बजे देश को संबोधित करेंगे। इस घोषणा के उपरांत आज प्रात: ही राजधानी में कुछ लोग अलसुबह ही उठ गये थे और उन्होंने फिर से ट्वीटर को अपना खिलोना बनाया। उनको उम्मीद थी कि पीएम भी उनके साथ खेलेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री को गरीब देश की चिंता थी, जिनके समक्ष कोरोना कॉल के समय भोजन बड़ी समस्या थी। पीएम ने इन गरीब लोगों को भोजन के लिए घोषणाएं की और सभी लोगों से आग्रह किया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए दो गज की दूरी को बनाये रखें। मुंह और नाक को मास्क से ढक कर रखें। इससे कोरोना को हराया जा सकता है।

राजनीति के जानकार बताते हैं कि पीएम ने कुछ विषयों पर नहीं बोलना ही उचित समझा क्योंकि वे अपना जवाब सोमवार शाम को ही एक आदेश जारी कर दे चुके थे। पीएम को यह भी पता था कि चीन प्रायोजित प्रोपगेंडा जो देश में चलाया जा रहा है, उसको देश की जनता बेहतर तरीके से समझ रही है।

पीएम संबोधन की अन्य प्रमुख बातें :

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, लॉकडाउन में यही कोशिश रही कि ऐसी स्थिति ना आए कि गरीबों के घर में चूल्हा ना जले। हर किसी ने प्रयास किया कि इतने बड़े देश में गरीब भाई-बहन भूखा ना सोए। देश हो या व्यक्ति, समय और संवेदनशीलता से फैसले लेने से किसी भी मुसीबत का सामना करने की शक्ति अनेक गुना बढ़ जाती है।

पीएम ने कहा, लॉकडाउन होते ही सरकार गरीब कल्याण योजना लेकर आई। इसके तहत पौने दो लाख करोड़ का पैकेज दिया गया। 3 महीनों में 20 करोड़ जन-धन खातों में 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं। 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। इसके साथ ही गांवों में श्रमिकों को रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान तेज गति से आरंभ कर दिया गया है।

श्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा, वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्यतौर पर कृषि क्षेत्र में ही ज्यादा काम होता है। दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है। जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है। 5 को गुरुपूर्णिमा है, सावन शुरू होगा, 15 अगस्त, रक्षा बंधन, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दुर्गापूजा शुरू होगी। त्योहारों का समय जरूरतें बढ़ाता है और खर्च भी बढ़ाता है।

हमने फैसला लिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक यानी नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाएगा। फैसले का मतलब है कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने वाली योजना अगले 5 महीने भी लागू रहेगी। सरकार हर महीने परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल मुफ्त देगी। साथ ही प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा। इस योजना के विस्तार में 90 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे। पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपया हो जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, पूरे भारत के लिए हमने सपना देखा है। कई राज्यों ने अच्छा काम किया है। बाकी राज्यों से भी हम आग्रह कर रहे हैं कि काम आगे बढ़ाएं। यह काम है, पूरे देश के लिए एक राशन कार्ड की व्यवस्था करना। यानी वन नेशन, वन राशन कार्ड। इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीबों को मिलेगा जो रोजगार के लिए अपना गांव छोड़कर किसी और राज्य में जाते हैं।

आज गरीब को सरकार मुफ्त राशन दे पा रही है तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है। पहला हमारे अन्न देवता मेहनती किसान। दूसरा हमारे देश के ईमानदार टैक्स पेयर। आपका परिश्रम और समर्पण ही है, जिसकी वजह से देश यह मदद कर पा रहा है। आपने देश का अन्न भंडार भरा है इसलिए गरीब का चूल्हा जल रहा है। आपने ईमानदारी से टैक्स भरा है इसलिए आज देश का गरीब इतने बड़े संकट से मुकाबला कर पा रहा है।

श्री मोदी के अनुसार, हम गरीब, पीड़ित, शोषित, वंचित को सशक्त करने के लिए निरंतर काम करेंगे। हम सारी ऐहतियात बरतते हुए इकोनामिक एक्टिविटीज को और आगे बढ़ाएंगे। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन-रात एक करेंगे। हम सब लोकल के लिए वोकल होंगे। इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को मिलकर संकल्प के साथ काम भी करना है और आगे भी बढ़ना है।