राज दर राज खुलेंगे इलाहाबाद बैंक रॉबरी में

तकनीकी पहलुओं के आधार पर आरोपी को तलाशने में जुटी पुलिस
20 लाख की आबादी वाले श्रीगंगानगर जिले में पुलिस के समक्ष कड़ी चुनौती
श्रीगंगानगर। पुरानी आबादी के इलाहाबाद बैंक से दिन-दिहाड़े हुई रॉबरी के मामले में पुलिस के हाथ दूसरे दिन भी भले ही पुलिस को सुराग नहीं लगा हो लेकिन वारदात को अंजाम देने वाला युवक ज्यादा दिन तक पुलिस के हाथ से बच नहीं पायेगा। पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम का गठन कर दिया है जो हर पहलू की जांच करेगा और शीघ्र ही आरोपित को बेनकाब कर देगा।

एक पुलिस अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरानी आबादी के इलाहाबाद बैंक से सोमवार शाम करीबन सवा चार बजे एक युवक ने सात मिनिट्स के भीतर बैंक रॉबरी की वारदात को अकेले ही अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। युवक एक्टिवा पर आया था और वारदात को अंजाम देने के बाद उसी वाहन पर बैठकर निकल गया था। बैंक की महिला कर्मचारी पिस्तोल को देखकर भयभीत हो गयी, इस कारण वह शोर मचाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पायी।
पुलिस ने इस प्रकरण के अनेक तकनीकी पहलुओं को जांच के दायरे में लिया है। इस प्रकरण का राजफाश करने में तकनीकी साक्ष्य ही मुख्य भूमिका निभायेंगे। 20 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में एक युवक को तलाश कर पाना आसान कार्य नहीं है।  पुलिस के सामने एक कड़ी चुनौति है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार वारदात को जिस तेजी और आत्मविश्वास से अंजाम दिया है, उससे साफ है कि कई बार की रैकी के बाद ही इस तरह की साजिश रची जा सकती है। इस आधार पर पिछले 10 दिनों की सीसी कैमरों की फुटेज को चैक किया जायेगा। इसमें युवक कभी न कभी तो बिना नकाब के बैंक में आया होगा और उस आधार पर युवक की पहचान की जा सकती है। वारदात को अंजाम देने के लिए युवक ने बैंक की हर गतिविधि को ध्यान में रखा और इसी कारण पता था कि शाम को बैंक में भीड़ कम होती है और वह आसानी से इस वारदात को अंजाम दे सकेगा। उसने समय की बात को गंभीरता से अपनी योजना में शामिल किया होगा।
वहीं पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से युवक एक्टिवा पर बैठकर रवाना हुआ है, वह निश्चित रूप से शहर के भीतरी इलाके की तरफ नहीं आया होगा। उसका टारगेट पुलिस की नाकाबंदी से पहले शहर की सीमा को छोड़ देने का रहा होगा और इसके लिए कोढिय़ों वाली पुलिया उसके लिए आसान मार्ग रहा होगा, जहां से वह सीधे मिनी बायापास होते हुए शहर से कुछ ही मिनिट्स में बाहर निकल सकेगा।

इस कारण शहर से बाहर जाने वाले सीसी कैमरों की फुटेज को भी गंभीरता से चैक किया जा रहा है। आज इस मामले को लेकर एसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ गंभीरता से विचार-विमर्श किया। आज पुरानी आबादी थानाधिकारी भी वापिस श्रीगंगानगर आ गये। जिस समय वारदात को अंजाम दिया जा रहा था उस समय एसएचओ दिल्ली में एनडीपीएस एक्ट मामले की जांच के लिए दिल्ली गये हुए थे। आज उन्होंने इस मामले की जांच के लिए घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।


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