कोरोना वायरस
1432 नए मामले, 16 मौतें, 1470 हुए स्वस्थ भी

झुंझुनू, 02 सितंबर  राजस्थान में कोरोना संक्रमण के दौरान घर घर जाकर अपनी सेवा देने वाले डाक विभाग के कर्मचारियों को विभाग द्वारा आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिये डाक कर्मचारियों, ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा काल में कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को डाक विभाग की ओर से 10 लाख रूपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

लॉकडाउन में डाक विभाग की आवश्यक सेवाओं को यथावत रखा गया हैं। डाक विभाग आवश्यक सेवा की श्रेणी में आता है। इस विकट परिस्थिति में सभी डाक कर्मी कोरोना योद्धा बनकर शहर से लेकर दूर दराज के गांवों व ढाणियों तक डाक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनके कोरोना संक्रमित होने का भी लगातार खतरा बना रहता है।

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झुंझुनू के डाक अधीक्षक हरलाल सैनी ने बताया कि यदि किसी विभागीय डाक कर्मचारी या ग्रामीण डाक सेवक की मृत्यु कार्य के दौरान कोरोना संक्रमण से होती है तो संचार मंत्रालय डाक विभाग की ओर से घोषित दस लाख रुपये की सहायता राशि संबंधित कर्मचारी के आश्रितों को दी जाएगी। कोरोना संक्रमित डाक कर्मचारी के लिए सीजीएचएस के जरिए मुफ्त चिकित्सा का भी प्रावधान है। कर्मचारी किसी भी निजी अस्पताल में जो सीजीएचएस से स्वीकृत है। वहां अपना इलाज करवा सकते हैं।

उन्होंन बताया कि ग्रामीण डाक सेवक के लिए डाक विभाग ने कोविड से संक्रमित ग्रामीण डाक सेवकों 20 हजार की सहायता राशि सर्किल वेलफेयर फंड से दी जा रही है। इसके अलावा डाक कर्मचारी की मृत्यु सेवाकाल में होती है तो उसके आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी।