PM Narendra mOdi
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, फाइल फोटो

नयी दिल्ली, 15 नवम्बर (वार्ता) सरकार ने आज स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर से संबंधित मामले में फैसला आने के बाद उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई को कोई पत्र नहीं लिखा।

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सरकार के प्रवक्ता ने आज टि्वट कर कहा , “ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से देश के प्रधान न्यायाधीश को अयोध्या फैसले के बारे में लिखा गया एक तथाकथित पत्र सोशल मीडिया में आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी पत्र नहीं लिखा गया है। यह पत्र नकली और द्ववेषपूर्ण है।”
रिपोर्टों के अनुसार बंगलादेश में सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री मोदी के नाम से एक तथाकथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें श्री मोदी ने अयोध्या फैसला आने के बाद न्यायमूर्ति रंजन गोगोई को बधाई दी है। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस पत्र को फर्जी बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी इसकी आलोचना करते हुए इसे बंगलादेश और भारत के बीच मित्रता को कमजोर करने की साजिश बताया है।