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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। फाइल चित्र

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोविड काल में भी लगातार सक्रिय रहकर अपने मित्र देशों के शीर्ष नेताओं के साथ लगातार संवाद बनाये हुए हैं। आज उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री के साथ आपसी संबंधों पर चर्चा की। कल वे श्रीलंका के राष्ट्रपति महेन्द्रा राजपक्षे के साथ आभासी शिखर बैठक करने वाले हैं। उन्होंने कुछ दिन पूर्व ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के साथ भी आभासी बैठक में भाग लिया था। श्री मॉरिसन ने उम्मीद जतायी थी कि शीघ्र ही कोविड काल समाप्त होगा तो वे भारत का दौरा करना पसंद करेंगे। श्री मॉरिसन, पीएम मोदी के खास मित्रों से एक के रूप में पहचान रखते हैं।

मोदी का फिटनेस मंत्र फिटनेस की डोज़, आधा घंटा रोज

जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा के साथ हुई बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया है कि दोनों देश क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एकमत हैं और आगे भी दोनों मिलकर सहयोग करेंगे। दोनों देशों के बीच जो मित्रता का रिश्ता है, उसको और मजबूत किया जायेगा। पीएम मोदी ने जापानी भाषा में भी अपने शब्दों का अनुवाद किया है। उल्लेखनीय है कि शिंजो आबे ने पिछले दिनों जापान के पीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। इसके उपरांत श्री सुगा ने प्रधानमंत्री पद ग्रहण किया था। वे बड़े अर्थशास्त्री के रूप में पहचान रखते हैं।

इससे पहले गुरुवार को भी पीएम ने श्रीलंका के राष्ट्रपति महेन्द्रा राजपक्षे के ट्वीट को रिट्वीट किया था और विश्वास दिलाया था कि दोनों देश मिलकर कोविड सहित सभी स्थानीय मुदों पर एक दूसरे का सहयोग करेंगे।

उल्लेखनीय है कि कल शनिवार को श्रीलंका और भारत के बीच वर्चुअल समिट हो रही है। इसमें पीएम मोदी और राजपक्षे भी शामिल होंगे।  इससे पहले कोविड संक्रमण के बीच में ही ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन के साथ पीएम मोदी की वर्चुअल कॉन्फ्रेंस हुई थी, जिसमें दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए थे। श्री मॉरिसन ने भारतीय समोसों के स्वाद को भी याद किया था।

बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा, मतदान 28 अक्टूबर को, मतगणना 10 नवंबर को

कोरोना महामारी के साये में बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों के लिए चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और और सात नवम्बर को होंगे, जबकि मतगणना 10 नवम्बर को की जायेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस पर सात राज्यों के साथ की समीक्षा बैठक

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बहुप्रतीक्षित बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होंगे। तीनों चरणों की मतगणना एक ही दिन 10 नवम्बर को होगी। पहले चरण में भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, खगड़िया, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिले में मतदान होंगे। दूसरे चरण में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में मतदान कराये जाएंगे। तीसरे चरण में पटना, बक्सर, सारण, भोजपुर, नालंदा, गोपालगंज, सीवान, बोधगया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, औरंगाबाद, कैमूर और रोहतास जिले में मतदान होगा।

उन्होंने बताया कोरोना संक्रमण के कारण क्वारंटीन में रहने वाले मतदाता या तो पोस्टल बैलट से मतदान कर सकते हैं या फिर वे अंतिम चरण के चुनाव के दिन अपने-अपने मतदान केन्द्रों में स्वास्थ्य अधिकारियों की देखरेख में मतदान करेंगे।

श्री अरोड़ा ने कहा कि ये चुनाव बेहद असाधारण परिस्थितियों में कराये जा रहे हैं और इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकोल के संबंध में व्यापक इंतजाम किये गये हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है।

विश्व में कोरोना और लॉकडाउन

विश्व के अनेक देशों में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। यूरोप इनसे सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है। कुछ देश फिर से लॉकडाउन करने पर विचार कर रहे हैं, इस बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि लॉकडाउन से कोरोना वायरस को हराया जा सकता है‌?

कोरोना वायरस को हराने के लिए लोकतांत्रिक देशों में लॉकडाउन प्रभावी नहीं रहता है क्योंकि विश्व दो माह से भी अधिक समय तक लॉकडाउन की स्थिति में रहा था और उसके बाद जैसे ही प्रतिबंधों को हटाया गया, मामले फिर से बढ़ने लगे।

दुनिया का कोई भी देश इससे अछूता नहीं रहा है। विश्व को कोविड से निजात दिलाने में अमेरिकी कंपनी जॉनसन एण्ड जॉनसन प्रभावी वैक्सीन का 60 हजार लोगों पर ट्रॉयल कर रही है और इसके एकमात्र डोज से ही एंटीबॉडीज बनने का दावा किया जा रहा है। इसलिए अगले कुछ दिनों के भीतर विश्व के पास एक विश्वासपूर्ण वैक्सीन उपलब्ध हो सकेगी।

उस समय तक दुनिया या किसी देश के लोगों को लॉकडॉउन की बंदिशों में रखना, इसके खिलाफ लड़ाई जीतने का रास्ता नहीं हो सकता है। यूरोप के कुछ देशों में जहां कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं, वहां शाम के समय पब्स, रेस्टोरेंट्स बंद किया जाना बेहतर उपाय हो सकता है। युवा जोश में कोरोना वायरस के संक्रमण को भूल जाते हैं और यह फिर अनेक लोगों तक पहुंचता है। इसलिए लॉकडाउन की बंदिशों से मुक्त रखते पब पर नियंत्रण रखा जाना चाहिये।

यूरोप के अधिकांश देशों में टेस्टिंग पर ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को जागरुक करने पर बल देते हुए आगामी दिनों का समय निकालना होगा। असरकारक और विश्वासपूर्ण वैक्सीन बनाने में अभी तक अमेरिकी कंपनी ही आगे है। लॉकडाउन का मतलब यह भी होगा कि अर्थव्यवस्था को संकुचित करना। गरीबी को बढ़ावा देने वाले कदम के रूप में भी इसको देखा जा सकता है।