आरोग्य सेतु
आरोग्य सेतु एप। फाइल चित्र

नई दिल्ली। जब दुनियाभर में करीबन 5 अरब की आबादी लॉकडाउन में थी तो 15 अप्रेल को दक्षिण कोरिया की करीबन 6 करोड़ की आबादी ने संसदीय चुनाव के लिए मतदान कर दिया था। विश्व भर में जहां खेलों के आयोजन पर प्रतिबंध लग चुका है। ओलम्पिक को अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यह खेल जापान में ही होने थे। उसके पड़ोस में दक्षिण कोरिया के लोगों ने अपनी जागरुकता से कमाल कर दिया। चुनाव में ज्यादा उत्साह के साथ भाग लिया। मतदान 62 प्रतिशत से अधिक रहा, जो पिछले 28 सालों में सर्वाधिक था। लोग लम्बी लाइनों में लगकर मतदान करते हुए नजर आये। यह वो सीख थी, जो दक्षिण कोरिया से पूरी दुनिया ने ली।

दक्षिण कोरिया की इस सफलता का कारण था कि उसकी सरकार ने कोरोना वायरस से लोगों को बचाव के लिए एक एप लाँच किया था। इस एप के माध्यम से वहां के लोगों को यह जानकारी मिल रही थी कि जिस व्यक्ति से वे मिल रहे हैं, वह कहीं कोरोना का संदिग्ध रोगी तो नहीं है? अलर्ट हासिल होते ही लोग एक्टिव हो जाते थे।

उसी तरह का एप भारत में भी केन्द्र सरकार ने भी तैयार किया है, जिसका नाम आरोग्य सेतु एप है। यह एप कोरोना वायरस से बचाव करते हुए आरोग्य और जीवन के बीच में एक सेतु बनाने का कार्य करता है।

सुरक्षा अधिकारी बन जाता है आरोग्य सेतु

आरोग्य सेतु से किस तरह से बचाव हो सकता है। इसको लेकर अनेक लोगों में स्पष्टता नहीं है। इस कारण उनको बताने के लिए जानकारी दे रहा हूं।

उदाहरण के रूप में देखिये :

श्यामलाल बाजार में सब्जी लेने के लिए गया। वहां पर उसने सब्जी वाले से सब्जी खरीदी। श्यामलाल को नहीं पता था कि उसको कोरोना वायरस से पॉजिटिव हो चुका है। वह घर पर परिवार वालों के साथ भी रहता है। दो या तीन दिन बाद उसके शरीर में लक्षण दिखाई देते हैं, परिवार के लोग उसको अस्पताल में जांच के लिए ले जाते हैं। वहां वह कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है। स्वास्थ्य अधिकारी उसकी हिस्ट्री तैयार करेंगे और उसको आपके बचाव के लिए अपलोड कर देंगे।

सुनील के मोबाइल में आरोग्य सेतु मोबाइल एप डाउनलोड है। वह उसी सब्जी वाले के सम्पर्क में आता है। सब्जी खरीदने से पहले ही सुनील के एप से एक अलर्ट उस तक पहुंच जायेगा, जिस व्यक्ति से वह सब्जी खरीद रहा है, वह कोरोना का संदिग्ध रोगी हो सकता है, क्योंकि वह कोरोना पॉजिटिव के सम्पर्क में आया था।

वहीं श्यामलाल के परिवार के सदस्यों के जो मित्र हैं, जिनके मोबाइल में एप डाउनलोड होगा, उनको भी पता चल जायेगा कि वह जिस व्यक्ति के सम्पर्क में आये थे या आने वाले हैं, उनके परिवार का एक सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इस तरह से एक एप से हजारों लोगों को कोरोना पॉजिटिव होने से बचाया जा सकता है।

लॉकडाउन के बाद सावधानी ही बचाव है
गत 25 मार्च से देश भर में लॉकडाउन चल रहा है। नियमों में छूट देने का प्रावधान हो रहा है और धीरे-धीरे देश लॉकडाउन से बाहर आ रहा है। पब्लिक को घर पर बैठाकर कोई भी सरकार नहीं खिला सकती। इस कारण लॉकडाउन से जल्दी ही देश बाहर आयेगा और उस समय हमें ही ज्यादा सतर्क रहना होगा। जब तक वैक्सीन बनकर तैयार नहीं जाती, तब तक हर किसी के कोरोना संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा। ऐसी स्थिति में आरोग्य सेतु हमारी मदद कर सकता है। दक्षिण कोरिया की सफलता की कहानी हमारे सामने है, जहां एक एप ने वो कमाल कर दिया, जो अमेरिका में नहीं हो सका। इंग्लैण्ड में नहीं हो सका। ध्यान रहे कि स्वाईन फ्लू से दक्षिण कोरिया सर्वाधिक प्रभावित देश था। उस महामारी से बाहर आने के बाद दक्षिण कोरिया ने अपने हैल्थ सिस्टम को इतना मजबूत कर दिया कि आज वह ड्राइविंग थ्रू जांच कर रहा है। विश्व में सर्वाधिक जांच करने वाला देश है। भारत में अब रोजाना एक लाख से ज्यादा लोगों के सैम्पल लेकर जांच की जा रही है। जल्दी ही हम विश्व में सर्वाधिक सैम्पल लेने वाले देश की श्रेणी में शामिल होने वाले है, जहां रोजाना 10 लाख लोगों के कोविड-19 की जांच की जा सकेगी।

कोरोना के बढ़ रहे हैं मामले
देश में बुधवार को कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1 लाख 12 हजार 028 पहुंच गयी। इसमें 63 हजार 165 केस एक्टिव हैं जबकि 45 हजार 422 लोग स्वस्थ होकर अपने घरों में पहुंच गये। वहीं 3 हजार 434 लोगों की मौत भी हुई है। 20 मई को 5 हजार 547 केस रजिस्टर्ड हुए। वहीं 132 लोगों की मौत भी हो गई। 3 हजार 113 लोग स्वस्थ भी हुए हैं। (नोट : यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रात 1 बजे तक उपलब्ध करवाये गये डेटा पर आधारित है)

घबराना नहीं-लड़ना है

कोरोनावायरस : दिल्ली से श्रीगंगानगर तक सफर बस से किया

एक तरफ कोरोना से पूरा विश्व प्रभावित है। अमेरिका, इंग्लैण्ड और यूरोप के अन्य देश इस बीमारी के आगे हार मान चुके हैं और वैक्सीन तैयार करने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। उस स्थिति में हमें सतर्क रहना है। भारतीयों के लिए अच्छी बात यह है कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता विश्व के अन्य विकसित देशों के मुकाबले बहुत बेहतर है। आकड़े भी इस ओर इशारा कर रहे हैं। आप भी इन आकड़ों पर नजर डालिये :

विश्व के शीर्ष विकसित 15 देशों की आबादी 142 करोड़ के आसपास है और भारत की आबादी 137 करोड़ है लेकिन हमारे देश की तुलना में उन देशों में 34 गुना अधिक संक्रमित व्यक्ति पाये गये हैं। इन देशों का कोरोना वायरस संक्रमित लोगों का आंकड़ा 49 लाख 52 हजार है जबकि भारत में कोरोना प्रभावितों की संख्या 1 लाख 12 हजार है।

विश्व के उन विकसित देशों की जनसंख्या लगभग हमारे बराबर होने के बावजूद उनके यहां मृत्यु दर हमसे 83 गुना अधिक है और इन देशों के 3 लाख 25 हजार कोरोना वायरस के कारण मारे गए हैं लेकिन भारत में मृतकों की संख्या 3434 ही है। देश में रोगियों के रिकवर होने की दर भी लगभग 40 प्रतिशत हो गयी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 0.45 प्रतिशत मरीजों को वेंटीलेटर, तीन प्रतिशत को आईसीयू, 2.94 प्रतिशत मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता महसूस हो रही है। जबकि विश्व के अन्य देशों में यह दर 10 से 15 फीसदी है।(नोट : आकड़े न्यूज एजेंसीज के इनपुट पर आधारित हैं)

कनाडा के प्रधानमंत्री ने युगांडा राष्ट्रपति से की वार्ता

राजस्थान की नजर मजबूत क्वारंटाइन व्यवस्था पर
राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश के गांव-ढाणियों तक कोरोना के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए प्रवासियों को क्वारेंटाइन में 14 दिन बिताना अनिवार्य बताते हुए कहा है कि इसका उल्लंघन स्वयं अपने परिवार , गांव, समाज, राज्य और राष्ट्र के लिए घातक हो सकता है।

डा शर्मा ने मीडिया को बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में करीब 10 लाख प्रवासी राजस्थानी और श्रमिक राज्य में आए हैं। इनमें से करीब 7.25 लाख लोगों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है और करीब 34 हजार लोग संस्थागत क्वारेंटाइन में हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों के आगमन के साथ ही सरकार ने जांच की सुविधा में बढ़ोतरी की है। प्रदेश में अब 15 हजार से ज्यादा जांचें प्रतिदिन हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार का ध्यान बाहर से आने वाले प्रवासियों के क्वारेंटाइन सुविधा उपलब्ध कराने पर ज्यादा केन्द्रित है।

पाकिस्तान में पंजाब से महिला विधायक की कोरोना से मौत

पाकिस्तान के कब्जे वाले पंजाब में एक महिला विधायक की मौत हो गयी। कोरोना वायरस के कारण पाकिस्तान में तो वैसे तो त्राहि-त्राहि मची हुई है, किंतु सरकार के रिकॉर्ड में अब तक 1007 मौतें ही हुई हैं। 46 हजार से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव पाते हुए पंजीकृत किया गया है।

समाचार एजेंसी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के कब्जे वाले पंजाब विधानसभा की सदस्य शाहीन रजा की बुधवार को कोरोना वायरस से मौत हो गयी। उसको 17 मई को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। सोमवार को मेयो अस्पताल लाया गया, जहां वह कोरोना पॉजिटिव पायी गयी थी।

अब हो सकेंगी बोर्ड की परीक्षाएं

देश के जिन राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन नहीं हो पाया था, वहां पर अब 10वीं तथा 12वीं की परीक्षाएं आयोजित हो सकती हैं। गृहमंत्रालय ने इसको मंजूरी दे दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने आज ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी राज्यों को पत्र लिखकर यह सूचित कर दिया गया है कि वह कुछ शर्तों के साथ राज्य बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित कर सकते हैं । गृह सचिव द्वारा भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि कि परीक्षा के समय छात्रों और शिक्षकों को मास्क पहनकर आना अनिवार्य होगा तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। इसके साथी उन्हें सेनिटाइजर लेकर भी आना होगा। राज्य सरकारें छात्रों को परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए बसों की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा अन्य दिशा-निर्देश भी दिये गये हैं।

छोटे उद्योग धंधों के लिए मोदी सरकार की एक और योजना

छोटे उद्योग धंधों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही मोदी सरकार ने एक और योजना को मंजूरी प्रदान की है। सरकार ने अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक क्षेत्र में लाने और उनके विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की योजना को बुधवार को मंजूरी प्रदान की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की यहां हुई बैठक में इसके प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी जबकि शेष 40 प्रतिशत का भार राज्यों को वहन करना होगा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को ऋण से संबद्ध सब्सिडी के माध्यम से मदद प्रदान की जायेगी। दो लाख ऐसे उद्यमों को यह सुविधा देने की योजना है। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से पूरे देश में इसे लागू किया जायेगा। हर एसएचजी को चार लाख रुपये की आरंभिक राशि दी जायेगी। इसमें अधिकतर ऐसे उद्यमों को अधिक फायदा होगा जो ग्रामीण इलाकों में कुटीर उद्योग की तरह काम कर रहे हैं। अनुमान है कि देश में 25 लाख अपंजीकृत, अनौपचारिक खाद्य प्रसंस्करण उद्यम हैं।

चक्रवाती तूफान अम्फान ने मचायी तबाही, 14 की मौत

बचाव करने का प्रयास
पश्चिम बंगाल में आवागमन के लिए रास्ता बंद करता एक बचाव कर्मचारी।

भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान अम्फान का व्यापक असर देखने को मिला है। कुछ इलाकों में तबाही होने की जानकारी मिली है। सरकारी स्तर पर दोनों देशों में कम से कम 14 लोगों की मौत की जानकारी दी गयी है।

देश के समाचार
तूफान से अपने बच्चे को बचाने का प्रयास करती महिला।

समाचार एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल में कम से कम 10 लोगों के मारे जानकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी है। उन्होंने कहा है कि 185 किमी की रफ्तार से आये तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। यह कोविड-19 से भी ज्यादा तबाही का मंजर लेकर आया। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में संचार सेवाएं बाधित हुई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था।

टूटे हुए पेड़ों को हटाने का प्रयास करते कर्मचारी।

वहीं बांग्लादेश सरकार का दावा है कि अम्फान से चार लोगों की मौत हो गयी है। 15 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खम्बों के गिर जाने के कारण कुछ इलाकों में अंधेरा छा गया है।