मंगलवार को भी रहा बूंदाबांदी का दौर

 पश्चिमी विक्षोभ का असर
श्रीगंगानगर। पश्चिमी विक्षोभ के कारण श्रीगंगानगर जिले में बंूदाबांदी का दौर मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को काले बादलों ने डेरा डाला था और मंगलवार को तीसरे दिन की शुरुआत भी सूर्य के प्रकाश की रोशनी के बजाय काले बादलों को देखकर हुई। वहीं बूंदाबांदी के कारण शहर में वर्षा जल निकासी की पौल भी खुल गयी है। सड़कें टूट गयी हैं, जो मरम्मत की मांग कर रही हैं।

रविवार को पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ से बरसात का दौर आरंभ हुआ। यह दौर लम्बा खींच गया है। आज तीसरे दिन भी बरसात का दौर जारी रहा। मंगलवार की सुबह ऐसी हुई थी, जैसे अमावस्य की काली रात हो। चारों तरफ काले बादल नजर आ रहे थे और बूंदाबांदी कर रहे थे। हालांकि शीतलहर का प्रकोप शनिवार से ही समाप्त हो गया था।

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तीन दिन की बूंदाबांदी से शहर में वर्षा जल निकासी और घटिया सड़क निर्माण की भी जानकारी सार्वजनिक हो गयी। शहर की अनेक सड़कें वर्षा जल निकासी नहीं होने के कारण टूट गयी हैं। इनमें रविन्द्र पथ सहित अन्य सड़कें शामिल हैं। मुख्य मार्गों पर गड्ढा होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और बाजार में जाम जैसी स्थिति भी पैदा हो रही है।

पुरानी आबादी में सब्जी मंडी के पास तथा हनुमानगढ़ मार्ग व जस्सासिंह रामगढिय़ा मार्ग पर पानी निकासी नहीं हो पायी है। हालांकि श्रीगंगानगर में जीवनचर्या रोजाना की तरह चल रही थी, किंतु इसकी रफ्तार टूटी सड़कों और जल भराव के कारण धीमी थी।

संसाधनों के साथ किया था प्रदर्शन : शनिवार को ही नगर परिषद सभापति करुणा चांडक और आयुक्त प्रियंका बुडानिया ने शनिवार को ही रामलीला मैदान में सैकड़ों कर्मचारियों, दर्जनों टैम्पो-ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आये थे और दावा किया गया था कि शहर में सफाई और वर्षा जल निकासी के लिए नगर परिषद पूरी तरह तैयार है। यह दावा धरा का धरा रह गया। हल्की बूंदाबांदी से ही सड़कों पर पानी भराव की समस्या उत्पन्न हो गयी और सड़कों पर खड्डे बना गयी।