राजस्थान के समाचार
राजगढ़ के थानाधिकारी विष्णु दत्त बिश्नोई, जिन्होंने आत्महत्या कर ली।

चुरू। राजस्थान के चुरू जिले में एक थानाधिकारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। वहीं बीकानेर के एक अधिवक्ता ने थानाधिकारी और अपने बीच सोशल मीडिया पर हुई चैट को सार्वजनिक कर सनसनी फैला दी है। इस चैट में थानाधिकारी ने आरोप लगाया था कि अधिकारी कमजोर है। कौनसा अधिकारी कमजोर है, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं थी।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजगढ़ थानाधिकारी विष्णु दत्त बिश्नोई आज प्रात: अपने सरकारी निवास पर फांसी के फंदे पर लटके हुए मिले। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी। घटना की जानकारी पाकर सीओ चंदप्रकाश पारिक, एसपी तेजस्वनी गौतम, आईजी जोस मोहन भी मौके पर पहुंच गये।

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जिला मुख्यालय से बुलायी गयी एफएसएल टीम ने मौके से सुराग जुटाये। वहीं एक सुसाइड नोट भी मिलने का दावा किया गया है। इस सुसाइड में विष्णु दत्त बिश्नोई ने सिर्फ इतना ही लिखा है कि मुझे माफ करना। भाई से अपील की है कि वह परिवार और बच्चों का ध्यान रखे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है। परिवारजन से रिपोर्ट लेकर आगामी कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

मर्डर की कर रहे थे तफ्तीश

राजगढ़ थानाधिकारी के पद पर विष्णु दत्त बिश्नोई को सितंबर 2019 में नियुक्त किया गया था। वहीं दो दिन पहले ही क्षेत्र में गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी। इस मामले में सम्पत नेहरा गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच स्वयं श्री बिश्नोई कर रहे थे।

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बीकानेर के अधिवक्ता ने किया सनसनीखेज खुलासा

बीकानेर के अधिवक्ता गौवर्द्धनसिंह की ओर से सार्वजनिक की गयी चैट का चित्र।

बीकानेर के अधिवक्ता गौवर्द्धनसिंह ने सोशल मीडिया पर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि व्हाट्स एप पर उनके और एसएचओ विष्णु दत्त बिश्नोई के बीच एक दिन पहले चैट हुई थी। इस चैट को सार्वजनिक करते हुए कहा गया है जिसमें श्री बिश्नोई कह रहे हैं कि ऑफिसर कमजोर है। वह नौकरी नहीं करना चाहता। वह नौकरी छोड़ने का मन बना चुका है। जारी किये गये चैट के अनुसार, थानाधिकारी कह रहे हैं कि उनको बैड पॉलिटिक्स के भंवर में फंसाया जा रहा है।

पुलिस पर पॉलिटिक्स का असर

चुरू जिले में राजनीति का प्रभाव ही कहा जायेगा कि बिना गंभीर मामला सामने आये, थानाधिकारियों के तबादले बड़े स्तर पर हुए हैं। विष्णु दत्त बिश्नोई से पहले कुछ ही माह के भीतर तीन थानाधिकारी बदल दिये गये थे। विजय सिंह, नरेश कुमार निर्वाण तथा महेंद्रदत्त शर्मा थानाधिकारी लगाए गये थे। इसी तरह हमीरवास में रामबिलास बिश्नोई को हटाकर तेजवंतसिंह को थानाधिकारी लगाया। रामबिलास से पूर्व राकेश सांखला, कृष्ण कुमार व अमित स्वामी यहां एसएचओ लगाये गये। सिद्धमुख थाने में धर्मसिंह को थानाधिकारी लगाया गया। इनसे पूर्व यहां अमित स्वामी व रामबिलास बिश्नोई थानाधिकारी लगाये गये थे।

क्या कहती हैं एसपी तेजस्वनी

पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि परिवारजनों ने अपनी रिपोर्ट अभी तक नहीं दी है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कानूनी कार्यवाही होगी। उन्होंने इस बात से भी इन्कार किया कि थानाधिकारी अवसाद से पीड़ित थे। उनका कहना है कि कल देर रात तक थानाधिकारी और अन्य टीम के अधिकारी मर्डर केस की जांच के मामले में उनके सम्पर्क में थे। उस समय ये अहसास नहीं हुआ था कि वे डिप्रेशन में थे और इस तरह का कदम उठा सकते हैं। एसपी ने बताया कि सुसाइड नोट में आत्महत्या करने के कारण स्पष्ट नहीं है। उसमें परिवार के बारे में ही लिखा गया है।

डीजीपी ने मांगी रिपोर्ट

वहीं पुलिस मुख्यालय ने इस गंभीर प्रकरण में पुलिस अधीक्षक और आईजी रेंज से रिपोर्ट मांगी है। वहीं यह भी जानकारी मिल रही है कि एडीजी राजीव शर्मा भी जयपुर से चुरू के लिए रवाना हुए हैं।

श्रीगंगानगर जिले के थे पुलिस इंस्पेक्टर विष्णु दत्त

पुलिस विभाग में 1997 में एसआई के पद पर नियुक्त हुए विष्णु दत्त मूल रूप से श्रीगंगानगर जिले के निवासी थे। वे रायसिंहनगर थाना क्षेत्र के गांव लूणावाला के निवासी थे। लिखमेवाला गांव में उनका ससुराल है। परिवार में चार भाई-बहन हैं। भाई सरकारी सेवा में अध्यापक हैं। दो बच्चे हैं जो बीकानेर जिला मुख्यालय में रहते हैं। इस मामले में मेरी बात अनेक अधिकारियों से हुई और उनके साथ कार्य करने वाले अधिकारियों का कहना था कि वे मजबूत दिमाग के मालिक थे। हार मानने वालों में नहीं थे। मामला अवश्य ही गंभीर है।