उच्चतम न्यायालय

नयी दिल्ली, 06 अगस्त (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई का सीधा प्रसारण या ऑडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति देने से मंगलवार को इंकार कर दिया।

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजग गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ इस मामले की आज सुनवाई कर रही है। इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे, न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण तथा न्यायमूर्ति एस. ए. नजीर शामिल हैं।

केजरीवाल ने जाकिर नगर की घटना पर जताया शोक

न्यायालय में सुनवाई के दौरान इस मामले का एक पक्षकार निर्मोही अखाड़ा ने बताया कि विवादित स्थल पर उसका कब्जा है और वह प्राचीनकाल से इसका प्रबंधन तथा राम लाला की पूजा कर रहा है।

निर्मोही अखाड़ा के वकील सुशील कुमार जैन ने न्यायालय को बताया कि राम जन्मस्थान पर हमेशा से उसका कब्जा रहा है। वे लोग यहां पर भगवान श्रीराम की पूजा और जन्मस्थान का प्रबंधन करते हैं। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जब श्री जैन ने कहा कि वह अपने दावे को साबित करें, तो उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला राम जन्मभूमि के अंदरूनी हिस्से तक ही सीमित है।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति एफ.एम. आई. कलिफुल्ला के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यों की समिति की कोशिशें विफल होने के बाद शीर्ष अदालत ने दो अगस्त को आज यानी छह अगस्त से नियमत सुनवाई करने का फैसला लिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here