पहली बार अंतरिक्ष में युद्धाभ्यास की तैयारी, अमेरिका, रूस और चीन के क्लब में होगा भारत

बीजिंग 22 जुलाई, चीन के चंद्रमा अन्वेषण कार्यक्रम के प्रमुख ने सोमवार को भारत को चंद्रयान..2 के सफल प्रक्षेपण पर बधाई दी और कहा कि चीन अपने चंद्र मिशन पर सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है और वह अपने अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम की योजना किसी अन्य देश की प्रतिस्पर्धा में नहीं बना रहा है। ‘बाहुबली’ नाम का भारत का सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-एमके..3 एम 1 ऑर्बिटर, लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के साथ आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित हुआ।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नेताओं ने की चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की सराहना

3850 किलोग्राम के चंद्रयान..2 को सोमवार को प्रक्षेपित किया गया और 16 मिनट बाद यह पृथ्वी की कक्षा में स्थापित हो गया। वू वेइरेन ने भारत के चंद्रयान..2 की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और कहा चीन अपने स्वयं के चंद्र मिशन पर सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है और वह अपने अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम की योजना किसी अन्य देश की प्रतिस्पर्धा में नहीं बना रहा है। चीन के सरकारी ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने वू के हवाले से कहा कि भारत, इजराइल और अमेरिका सहित चंद्रमा के अन्वेषण के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास जो कि अपने अंतरिक्ष यात्रियों को पांच वर्ष के भीतर चंद्रमा तक भेजने के लिए प्रतिबद्ध हैं, इससे चीन अपने चंद्र मिशन को और विकास करने के लिए प्रेरित होगा।

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