Pt. Jawaharlal Nehru

नयी दिल्ली 22 जुलाई, भारत के दूसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान 2’ के प्रक्षेपण के दिन, अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए निधि उपलब्ध कराने में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की भूमिका का उल्लेख करने पर कांग्रेस की सोमवार को ट्विटर पर आलोचना की गयी। ट्विटर पर लोगों ने कांग्रेस का मजाक उड़ाया और उस पर करीब करीब हर चीज का श्रेय लेने के लिए कूद पड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने नेहरू के मीम भी पोस्ट किये।

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‘चंद्रयान 2’ के प्रक्षेपण के कुछ ही मिनट बाद कांग्रेस ने कहा, ‘‘ यह 1962 में इनकोस्पर के मार्फत अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए निधि उपलब्ध करोन में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की दूरदृष्टि को याद करने का सही समय है। इनकोस्पर ही बाद में इसरो बना। डॉ. मनमोहन सिंह को भी 2008 में ‘चंद्रयान 2’ परियोजना को मंजूरी देने के लिए याद किया जाए।’’ कांग्रेस के इस ट्वीट के बाद तो प्रतिक्रिया देने वालों की सोशल मीडिया पर बाढ़ आ गयी। नेहरू सबसे आगे चलने वाले ट्रेंडिंग शब्द बन गये। एक ट्वीट में लिखा गया है, ‘यह इसरो की दशा बनाम गांधी परिवार की दशा को याद करने का सही समय है।’

कुछ मीम में साइकिल या बैलगाड़ी पर रॉकेट के कुछ हिस्से ले जाने के चित्र और एक बैलगाड़ी पर आर्यभट्ट उपग्रह के हिस्से ले जाने की तस्वीर सामने आयी। एक अन्य ट्वीट में कहा गया, ‘‘ इसरो वैज्ञानिक बैलगाड़ी में उपग्रह ले जाते थे जबकि इंदिरा अपने पोते की भव्य जन्मदिन पार्टी हवाई जहाज में मनाती थीं।’’ एक अन्य ट्वीट में यह कहकर मजाक उड़ाया गया, ‘‘ नेहरू चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति थे।’’

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