भारत के साथ रक्षा साझेदारी मजबूत, सबसे मजबूत बनाने पर विचार

वॉशिंगटन 18 जुलाई, पेंटागन ने कहा है कि भारत के साथ अमेरिका की रक्षा साझेदारी मजबूत है और इसे अधिक मजबूत बनाने के बारे में विचार किया जा रहा है। साथ ही राष्ट्र को अन्य देशों से सैन्य हार्डवेयर खरीदने के खिलाफ आगाह किया है जो इसकी पांचवीं पीढ़ी के जटिल विमान का सामना करने को लेकर डिजाइन किए गए हैं। ये टिप्पणियां राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की उस घोषणा के एक दिन बाद आई है कि अमेरिका तुर्की को एफ- 35 लड़ाकू विमान नहीं बेचेगा। इससे पहले तुर्की ने रूस से एस- 400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदी थी। रूस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया हुआ है।

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गौरतलब है कि भारत भी अपने पुराने मित्र रूस से एस- 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीद रहा है। रक्षा नीति के जूनियर डेप्युटी सेक्रटरी डेविड जे ट्राचटेनबर्ग ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मेरे विचार में भारत के साथ हमारी रक्षा साझेदारी मजबूत है और इसे और मजबूत बनाने पर विचार किया जा रहा है।’
ट्राचटेनबर्ग भारत के रूस से एस- 400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के फैसले को लेकर इससे द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। भारत ने 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से एस- 400 मिसाइल सिस्टम की खेप खरीदने के संबंध में अक्टूबर 2018 में रूस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था।

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