Thursday, February 2, 2023
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राजस्थान के घड़साना-रावला एसएचओ सहित 10 कार्मिक निलम्बित, परिवार को 30 लाख मुआवजा, तीनों प्रकरण की जांच एसओजी करेगी

श्रीगंगानगर/घड़साना (टीएसएन)। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक अधिवक्ता के आत्महत्या दुष्प्रेरणा के मुकदमे में नामजद 10 कार्मिकों को पुलिस अधीक्षक ने निलम्बित कर दिया है। मामले की जांच एसओजी से करवाने पर भी आंदोलनकारियों और पुलिस-प्रशासन के बीच सहमति बनी। पीडि़त परिवार को राज्य सरकार 30 लाख रुपये का मुआवजा देगी।

 

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मंगलवार को अधिवक्ता विजयसिंह झोरड़ के आत्महत्या के विरोध में श्रीगंगानगर जिले की सभी बार संघों में वर्क सस्पैंड रहा। वहीं बीकानेर संभाग के लगभग सभी तहसील बार संघ के अध्यक्ष भी घड़साना पहुंच गये।

आंदोलन को समर्थन देने के लिए विधायक संतोष देवी बावरी, पूर्व विधायक शिमला बावरी, पवन दुग्गल, संगरिया के पूर्व विधायक कामरेड हेतराम बेनीवाल, सांसद हनुमान बेनीवाल के भाई एवं नागौर जिले से विधायक नारायण बेनीवाल, घड़साना व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन सिंह दुग्गल, कामरेड श्योपत मेघवाल, कामरेड सुनील गोदारा,श्योपत मेघवाल, राकेश ठोलिया, शराब मुक्त आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा, अंबेडकर नवयुवक संघ के अध्यक्ष कमलेश मेघवाल सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग पहुंचे।

 

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अधिवक्ताओं और परिवारजन ने पुलिस के व्यवहार पर चिंता व्यक्त की। दोषी पुलिस कार्मिकों को तुरंत प्रभाव से निलम्बित किये जाने, पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा दिये जाने की मांग को लेकर महापड़ाव आरंभ कर दिया गया। पुलिस थाना के सामने चल रहे महापड़ाव को समाप्त करने के लिए स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता का प्रस्ताव किया। दो स्तर की वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकल सका।

 

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तीसरे दौर की वार्ता में डीएम रूकमणि रियार, पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा सहित रायसिंहनगर सैक्टर के अन्य पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए। तीसरे दौर की वार्ता में दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हो गये कि आत्महत्या दुष्प्रेरणा मामले में नामजद सभी 10 पुलिस कार्मिकों को निलम्बित किया जायेगा।

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मामले की जांच एसओजी करेगी। श्रीगंगानगर बार संघ के अध्यक्ष सीताराम बिश्रोई ने बताया कि राज्य सरकार पीडि़त परिवार को 30 लाख का मुआवजा और नई मंडी घड़साना थाना के एसएचओ मदनलाल सहित 9 कार्मिक तथा रावला थाना के एसएचओ को तुरंत प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने जांच एसओजी को भेजने पर भी सहमति दी है। श्री बिश्रोई ने बताया कि कल प्रात: पोस्टमार्टम और अन्तिम संस्कार की कार्यवाही होगी। आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है।

इससे पहले नई मंडी घड़साना थाना क्षेत्र में सोमवार को अधिवक्ता विजयसिंह झोरड़ ने आत्महत्या कर ली थी। वे अपने घर पर फांसी के फंदे पर झूलते हुए मिले थे। परिवारजनों ने पोस्टमार्टम की कार्यवाही करवाने से इन्कार कर दिया था।

परिवारजन का आरोप था कि 18 अप्रेल की रात को उनके पति को गिरफ्तार कर लिया गया और हवालात में बुरी तरह टार्चर किया गया। विजय सिंह झोरड़ नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाते थे और उनकी जागरुकता अभियान के तहत दर्जनों लोग उनके साथ जुड़ गये थे। घड़साना पुलिस ने दबाव बनाने के लिए उनको 18 अप्रेल को अपनी हिरासत में ले लिया और फिर 107-116 सीआरपीसी में पाबंद करवाने की कार्यवाही की। उनके खिलाफ इसके उपरांत एक मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया।

इस प्रताडऩा से दुखी हुए विजयसिंह झोरड़ ने न्याय प्राप्त करने के लिए अनेक स्तर पर पत्र व्यवहार किया। झोरड़ की ओर से दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी नहीं होने से निराश विजयसिंह झोरड़ ने आत्महत्या कर ली थी। उनकी पत्नी कांता रानी ने सोमवार को एफआईआर करवायी। सोमवार को ही बाजार बंद हो गये थे। सोमवार के सांध्यदीप अंक में अधिवक्ता का नाम विजय रेवाड़ प्रकाशित हो गया था, उसको विजय सिंह झोरड़ के रूप में पढ़ा जाये। नाम में हुई त्रुटि के लिए खेद है।

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