swiss bank

नई दिल्ली/बर्न 10 जुलाई, विदेश में जमा काले धन के खिलाफ भारत की मुहिम को सितंबर में बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। स्विस बैंक में भारतीयों के खातों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सितंबर से भारत को मिलनी शुरू हो जाएगी। यही नहीं, पिछले साल स्विस खाता बंद करने वाले भारतीयों के बारे में भी भारत को जानकारी दी जाएगी।

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स्विट्जरलैंड ऑटोमेटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन (एईओआई) फ्रेमवर्क के तहत भारतीय टैक्स अधिकारियों के साथ तमाम स्विस फाइनैंशल इंस्टिट्यूशनल में पैसे रखने वाले भारतीय ग्राहकों के अकाउंट नंबर, क्रेडिट बैलेंस तथा हर तरह के फाइनैंशल इनकम से जुड़ी जानकारियां साझा करेगा।
स्विट्जरलैंड के फेडरल डिपार्टमेंट ऑफ फाइनैंस (एफडीएफ) के मुताबिक, सितंबर में भारत को जानकारी भेजने के बाद सालाना आधार पर जानकारियों को साझा किया जाएगा।

सितंबर में जिन लोगों की जानकारी साझा की जाएगी, वे उन लगभग 100 व्यक्तियों और उपक्रमों के बारे में भारत को पहले दी गई सूचनाओं के अतिरिक्त होंगी। स्विट्जरलैंड ने टैक्स के मामलों में प्रशासनिक सहायता को लेकर एक द्विपक्षीय समझौते के तहत लगभग 100 भारतीयों के स्विस बैंक में खातों की जानकारी भारत को पहले ही दी थी।

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विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने लोकसभा में बुधवार को एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि स्विट्जरलैंड में बैंक खाता रखने वाले भारतीयों के बारे में जानकारी सितंबर से भारत को ऑटोमेटिक आधार पर मिलनी शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा, इंडिया-स्विट्जरलैंड टैक्स ट्रीटी जांच के अधीन मामलों के लिए आवेदन के आधार पर जानकारी देने की भी सुविधा प्रदान करता है। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार उन नामों को सार्वजनिक करेगी, मंत्री ने कहा कि सूचना का उपयोग और उसका खुला गोपनीयता प्रावधान के अंतर्गत आता है।

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