Nose Gay पब्लिक स्कूल : कृषि भूमि को सीबीएसई ने दी मान्यता

कृषि भूमि जिसको राजस्व रिकॉर्ड में सिंचित क्षेत्र माना गया है, उस रिकॉर्ड के आधार पर विद्यालय की मान्यता कैसे प्रदान कर दी गयी? इस संबंध में शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिक्षा विभाग में ऐसे बहुत से मामले हैं और पूर्व में कुछ अधिकारियों ने इस तरह के कारनामे किये थे।

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Nose Gay पब्लिक स्कूल : कृषि भूमि को सीबीएसई ने दी मान्यता
श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर केन्द्र और राज्य सरकार के दो संस्थान के रिकॉर्ड एक-दूसरे का विरोधाभास कर रहे हैं। एक तरफ केन्द्र का संस्थान, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड उस स्थान को उच्च माध्यमिक विद्यालय मान रहा है तो दूसरी ओर राज्य सरकार का राजस्व विभाग उसको सिंचित भूमि मान रहा है।

श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर हनुमानगढ़ मार्ग पर नोजगे पब्लिक स्कूल के नाम से एक शिक्षण संस्थान है। इस संस्थान की प्रबंध समिति का दावा है कि विद्यालय सभी नियमों का पालन करता है और बच्चों को संस्कारी, गुणवान तथा शिक्षावान बनाने के लिए कार्य करता है।

जब इस संस्थान के सरकारी रिकॉर्ड को देखा जाये तो विरोधाभासी जानकारी सामने आती है।

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड जिस स्थान को नोजगे पब्लिक स्कूल मानता है, वहां पर तो सिंचाई योग्य भूमि है। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड को देखा जाये तो सामने आता है कि चक 7 ई छोटी के मुरब्बा नंबर 17 के किला नंबर 1/1, 1/2, 1/3, 10/1, 10/2,10/3, 11/1, 11/2,11/3, 20/1, 20/2, 20/3, 21/1, 21/2, 21/3, मुरब्बा नंबर 26 के किला नंबर 1/1, 1/2, 1/3, 2, 3, 4, 5 में सिंचाई भूमि है। इस भूमि का खाताधारक नोजगे पब्लिक स्कूल मार्फत चेयरमैन पपिन्द्रसिंह पुत्र हाकम सिंह साकिन 7 ई छोटी है। इसका खाता नंबर 80 है।

 

Nosegay

क्या कहते हैं शिक्षा विभाग के अधिकारी
कृषि भूमि जिसको राजस्व रिकॉर्ड में सिंचित क्षेत्र माना गया है, उस रिकॉर्ड के आधार पर विद्यालय की मान्यता कैसे प्रदान कर दी गयी? इस संबंध में शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिक्षा विभाग में ऐसे बहुत से मामले हैं और पूर्व में कुछ अधिकारियों ने इस तरह के कारनामे किये थे।

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नोजगे के चेयरमैन से नहीं हो पाया सम्पर्क
चेयरमैन पपिन्द्रसिंह से इस संबंध में सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया। वहीं सवाल यह भी उठता है कि जिस विद्यालय की प्रबंध समिति ही राज्य कर चोरी करने के लिए प्रयास कर रही हो तो फिर सवाल उठने ही होते हैं। दूसरी ओर यह भी जानकारी सामने आ रही है कि नये मास्टर प्लान में चक पांच ई छोटी नाईवाला से यह मार्ग रिद्धि-सिद्धि प्रथम तक जाता है। इस मार्ग की चौड़ाई 100 फीट बतायी जा रही है (न्यास के एक अधिकारी के अनुसार, जिसकी द सांध्यदीप स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता)।

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बताया जा रहा है कि नोजगे पब्लिक स्कूल का खेल मैदान इस मार्ग में बाधा बन गया है। इस कारण इस मार्ग की सडक़ का चौड़ाईकरण नहीं हो पा रहा है।

VIAThe SandhyaDeep Team
SOURCEThe SandhyaDeep Team
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