पैथोलॉजी लैब
पैथोलॉजी लैब का एक पुराना चित्र।

लैब का 31 अगस्त तक पंजीकरण नहीं करवाने वालों पर 5 लाख का जुर्माना

रेट लिस्ट भी करनी होगी चस्पा

राज्य सरकार ने सभी पैथ लैब संचालकों को जारी किया नोटिस

झुंझुनू,12 अगस्त (वार्ता) राजस्थान सरकार ने आमजन को बेहतर चिकित्सा जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाने एवं मनमानी फीस पर रोक लगाने के लिए पैथोलॉजी लैब का पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया है।

जनस्वास्थ्य के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार लैब संचालकों को पहले अस्थायी और बाद में स्थायी पंजीकरण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में करवाने होंगे। लैब संचालकों को अब रेट लिस्ट भी लगानी होगी। जिसमें जांच की रेट, लैब पंजीयनकर्ता का नाम, संचालक की योग्यता एवं अन्य जानकारी लिखनी होगी। रेट लिस्ट चस्पा होने से मनमानी नहीं चलेगी।


सूत्रों ने बताया कि लैब का पंजीकरण नहीं करवाने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इस संबंध में चिकित्सा विभाग सख्त रुख अपना रहा है। पंजीकरण 31 अगस्त तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में करवाना होगा। बहुत सी पैथोलॉजी लैब बगैर पंजीकरण के संचालित हो रही हैं। लैब के स्टाफ कर्मियों को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। जिस पर खरा नहीं उतरने पर संस्था का पंजीकरण नहीं हो सकेगा।


विभाग के निर्देशों के अनुसार लैब को तीन श्रेणी में विभाजित किया गया है। जिसमें लैब को बेसिक, मीडियम एवं एडवांस्ड श्रेणी में बांटा गया है। उसी के अनुसार मापदण्ड बनाए गए हैं। लैब में पूरा रेकॉर्ड भी संग्रहित रखना जरूरी होगा। प्रशिक्षित स्टॉफ नहीं मिलने पर भी विभाग कार्रवाई करेगा।


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