रविदास मंदिर विवाद

चंडीगढ़/फगवाड़ा/लुधियाना, 10 अगस्त (वार्ता) सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार दिल्ली के तुगलकाबाद में श्री गुरू रविदास मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई शुरू होने की खबरों के बाद दलितों के विभिन्न संगठनों ने आज पंजाब के कई हिस्सों में प्रदर्शन किये।
लुधियाना से मिली खबरों के अनुसार एससी भाईचारे की ओर से आज अमृतसर-दिल्ली राष्ट्रीय महामार्ग पर जालंधर बाईपास चौक पर धरना दिया गया।
प्रदर्शनकारी केंद्र की नरेंद्र मोदी और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सड़क को ब्लॉक कर दिया गया। धरने की सूचना पाकर बड़ी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंचे। एसडीएम मनदीप बैंस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वह अपना ज्ञापन दें जिसे वह सरकार तक पहुंचा देंगे।
उधर फगवाड़ा से मिली जानकारी के अनुसार रविदासिया समाज के हजारों लोगों ने दोआबा क्षेत्र में कई जगहों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फगवाड़ा-जालंधर, फगवाड़ा-होशियारपुर, फगवाड़ा-गोराया-फिल्लौर-लुधियाना, फगवाड़ा-बेहराम-बंगा-नवांशहर, फगवाड़ा-नकोदर, नूरमहल-नकोदर सड़कों पर जाम लगा दिया।
पुलिस अधीक्षक मनदीप सिंह, एसडीएम जय इंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और पांच घंटे बाद ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया गया।
वाहन चालकों को इस दौरान काफी परेशानी उठानी पड़ी।
इस बीच आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई ने जारी बयान में तोड़क कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि दिल्ली विकास प्राधिकरण केंद्र के अधीन है। विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा समेत पार्टी के कुछ विधायकों ने बयान जारी कर केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि कार्रवाई से केंद्र का दलित विरोधी चेहरा सामने आ गया है। पार्टी के अनुसार प्रदर्शनकारियों में रोष है और प्रदर्शनकारी संगठनों ने सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया है वरना ‘भारत बंद‘ भी किया जा सकता है।

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