श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर में नशा का कारोबार अब समाप्त होने की ओर है। कोतवाली और सदर थाना में नशे के कारोबारी अपना बोरिया-बिस्तर समेट चुके हैं। पुरानी आबादी के कुछ इलाकों में समस्या अभी भी है, जिसको थानाधिकारी और उनकी टीम ठीक कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नशा कारोबार के खिलाफ पुलिस अधीक्षक काफी गंभीर रहे हैं। एसपी हेमंत शर्मा के कुशल नेतृत्व में शहर पुलिस ने नशे के खिलाफ उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

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अगर हम सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो कोतवाली व सदर थाना इलाकों से नशे के कारोबारी भाग गये हैं। कोतवाल हनुमानाराम बिश्नोई और सदर थानाधिकारी राजेश सिहाग की दिलेरी की वजह से श्रीगंगानगर शहर बरसों बाद नशा मुक्त होने की कगार पर है।

हालांकि शहरवासियों के लिए मीरा चौक के आसपास बिकने वाला नशा अभी भी चिंता का कारण है। पहले के मुकाबले नशा का कारोबार वहां भी कम हुआ है, किंतु अभी वहां और ज्यादा बड़ी कार्यवाही की जरूरत है क्योंकि शहर से बाहर से आने वाले लोगों से नशे के आदी युवक लूटपाट भी कर लेते हैं।

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पुरानी आबादी में पटाखा फैक्ट्री के इलाके को छोड़ दिया जाये तो पूरे क्षेत्र में नशे के खिलाफ अच्छा कार्य हुआ है। थानाधिकारी की स्पैशल टीम के सदस्य राकेश शर्मा की सूचना पर लगातार कार्यवाही हुई है। उनके पास लगातार इनपुट आने से नशे के कारोबार कमजोर हुआ है।

कुल मिलाकर देखा जाये तो वर्तमान एसपी हेमंत शर्मा ने नशे के कारोबार के खिलाफ व्यापक कार्य किया है और यही कारण है कि अब नशीली दवाइयां की बिक्री न के बराबर रह गयी है। ग्रामीण क्षेत्र में भी एसपी के आदेश पर जो कार्यवाही हुई हैं, उससे अच्छा संदेश गया है।

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