श्रीगंगानगर। राजस्थान की चूनावढ़ थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को काबू किया है, जो फायनेंस कंपनी के कर्मचारियों से लूटपाट करता था। इस गिरोह का पूर्व में पुलिस रिकॉर्ड भी नहीं था। इस कारण यह काबू में नहीं आ रहा था। गिरोह से पूछताछ के दौरान दो वारदात का खुलासा हो चुका है। कुछ और वारदात का राजफाश भी होने की संभावना है।

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श्रीगंगानगर जिले के एसपी हेमंत शर्मा ने प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी है कि 12 जुलाई को पंजाब की एक माइक्रो फायनेंस कंपनी मीडलैण्ड माइक्रोफीन लि. के कर्मचारी राधेकृष्ण पुत्र मूलचंद गोस्वामी से लूटपाट की वारदात हुई थी। पुलिस को दी गयी रिपोर्ट में राधेकृष्ण का आरोप था कि उससे अज्ञात हमलावर हथियारों की नोक पर 1 लाख 23 हजार रुपये लूटकर ले गये।

एसपी श्री शर्मा के अनुसार मामले में तुरंत जांच आरंभ कर दी गयी और केसरीसिंहपुर में मोटरसाइिकल सवार लुटेरे क्लॉज सर्किट कैमरे में कैद भी हो गये। इन लोगों ने अपने चेहरे को छुपाया हुआ था। मामले की जांच कर रहे एसएचओ परमेश्वरलाल सुथार ने इन युवकों की तलाश आरंभ कर दी और कद-काठी के आधार पर युवकों का सुराग भी लगा लिया गया। तकनीकी सहयोग भी लिया गया।

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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संदेह के आधार पर एकम उर्फ गुरसेवकिसंह पुत्र मलकीतसिंह जटसिख नवासी 51 एफएफ, साोनू पुत्र पृथ्वीसिंह जटिसख नवासी 6 एफ रडेवाला, मंगलसिंह पुत्र मलकीतसिंह मजबीसिख नवासी 51 एफ को गिरफ्तार किया गया। एक नाबालिग की भी भूमिका सामने आयी है।

श्री शर्मा के अनुसार इन लोगों ने वारदात को स्वीकार किया है। साथ ही पीलीबंगा-सूरतगढ़ मार्ग पर हुई फायनेंस कंपनी के कर्मचारी से लूट की वारदात को भी स्वीकार किया है। एकम और सोनू को बापर्दा रखा गया है जबकि इनके लिए रैकी करने वाले मंगलसिंह से कड़ी पूछताछ जारी है।

यही भी जानकारी सामने आयी है कि इस गिरोह ने पदमपुर व श्रीकरणपुर थाना क्षेत्र में भी लूट की वारदात की साजिश रची थी किंतु वे कामयाब नहीं हो पाये थे। दोनों आरोपित की शिनाख्त परेड करवायी जायेगी। इसके लिए कल इनको अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा करने के लिए अदालत के समक्ष अपील की जायेगी।

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