नयी दिल्ली 01 जुलाई (वार्ता) अरूणाचल प्रदेश में हाल ही में हुई दुर्घटना के बाद सवालों के घेरे में आये वायु सेना के परिवहन विमान ए एन-32 को लेकर उठाये जा रहे सवालों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज स्पष्ट किया कि यह विमान उडने में पूरी तरह सक्षम है और इसके संचालन को लेकर कोई समस्या नहीं है।
श्री सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में पूरक प्रश्नों के जवाब में कहा कि अरूणाचल प्रदेश में ए एन-32 विमान की दुर्घटना दुर्भाग्यूपर्ण है। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गयी थी और इसके कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्कवायरी का गठन किया गया है। जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल सकेगा।

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उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद इस विमान के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं और यह दावा किया जा रहा है कि यह उडाने लायक नहीं है लेकिन वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि ए एन-32 विमान पूरी तरह सही और उडने तथा अभियानों में हिस्सा लेने में सक्षम है। रक्षा मंत्री ने कहा कि अब तक 52 ए एन-32 विमानों में आधुनिक बदलाव कर उन्हें उन्नत बनाया गया है। कुछ अन्य विमानों में ये बदलाव अभी नहीं किये जा सके हैं लेकिन यह कहना सही नहीं है कि वे उडने में सक्षम नहीं हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विमानों की दुर्घटना की दर में कमी आयी है और प्रति 10 हजार घंटे की उडान में 1992 में यह दर 1.4 फीसदी से कम होकर 0.33 प्रतिशत रह गयी है।
वायु सेना का ए एन -32 परिवहन विमान गत तीन जून को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसका मलबा 11 जून को अरूणाचल प्रदेश में दूरदराज के लीपो गांव के 16 किलोमीटर उत्तर में दुर्गम क्षेत्र में मिला था।

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