मानवीय संवेदनाओं की प्रतीक थीं सुषमा स्वराज- देेवनानी

न्यूयार्क 07 अगस्त (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र में भारत सरकार के कार्यालय में बुधवार को पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अनोखे तरीके से श्रद्धांजलि दी गयी।

संरा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने ट्वीट कर कहा, “श्रीमती स्वराज के साथ कभी ना भूलाई जाने वाली यादें हैं। संरा स्थित भारतीय दफ्तर उनके संरा दौरे को हमेशा संजोकर रखेगा। सलाम मैडम!”

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उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो डाला है जिसमें श्रीमती स्वराज संरा महासभा को संबोधित कर रही हैं। श्रीमती स्वराज ने ‘उपनिवेश और पीड़ितों’ के अधिकारों और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए संरा को ‘अहिंसा के शक्तिशाली हथियार’ के तौर पर उपयोग करने की वकालत की थी। उनके इस भाषण की काफी सराहना हुई थी।

श्रीमती स्वराज का यह वीडियो 20 जून 2015 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर संरा में दिये गये भाषण का अंश है, जिसमें वह प्राचीन भारत की देन योग के बारे में बोल रही थीं। उन्होंने इस दौरान आतंकवादी खतरे पर भी कड़ा प्रहार किया था। श्रीमती स्वराज ने कहा, “हम सभी को इस वास्तविकता को स्वीकार करना पड़ेगा कि आतंकवाद मानवाधिकार के लिए सबसे बड़ा खतरा है।”

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उल्लेखनीय है कि श्रीमती स्वराज का मंगलवार रात यहां दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। उनके परिवार में पति स्वराज कौशल और एक पुत्री बांसुरी स्वराज हैं।

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