नैनीताल। उत्तराखण्ड ऐसा राज्य है, जिसे देवनगरी कहा जाता है। देवों का वास यहीं रहा है। हिमालय इसी राज्य में हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे धाम भी इसी प्रांत में स्थित हैं। इन दोनों धाम को भगवान शिव का आवासीय स्थल माना जाता है।

सदियों से यह मान्यता रही है कि केदारनाथ और बद्रीनाथ में भगवान शिव भोले का वास रहा है। इनके आसपास से ही गंगोत्री का भी वास है। गंगोत्री अर्थात जब शिवलोक से गंगा का धरती पर आगमन स्थल।

नीम करौली बाबा। फाइल फोटो

ऐसे पवित्र धाम के बीच बाबा नीम करौली के आश्रम की चर्चा नहीं हो, यह हो नहीं सकता। भवाली-अल्मोड़ा नैशनल हाइवे पर बाबा का आश्रम रहा है। बाबा अब देवलोक गमन कर गये हैं किंतु भक्तों की लम्बी लाइनें आज भी उसी तरह से लगती हैं।

स्टीव जॉब्स का नीम करौली बाबा से क्या था संबंध?

नीम करौली आश्रम के बारे में जानकारी उस समय विश्व तक पहुंची, जब मार्क जुकरबर्ग ने प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान बताया कि फेसबुक के बुरे दिनों में वे भारत के मंदिर जा चुके हैं, जहां से उन्हें सफलता मिली।

श्री जुकरबर्ग ने यह भी बताया कि एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने उन्हें भारत के इस मंदिर बारे जानकारी दी थी। उनके इस वक्तव्य के बाद पता चला कि स्टीव जॉब्स ही नहीं बल्कि हॉलीवुड की अनेक अभिनेत्रियां भी वहां आ चुकी हैं। अनेक वरिष्ठ लेखक जिनमें डेनियल भी शामिल हैं, वे वहां आकर अपनी मुराद प्राप्त कर चुके हैं।

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हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स के भी बाबा के आश्रम में आने के समाचार हैं।

बाबा करौली को भगवान हनुमान का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि इस आश्रम में जो भी व्यक्ति गया है, उसकी मुराद पूरी हुई है। इसी कारण हर साल यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मुराद पूरी होती है और संख्या बढ़ती जाती है।

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बाबा करौली को हनुमान के रूप में ही पूजा जाता है। जिनकी मुराद पूरी होती है तो वे अपने मित्रों, शुभचिंतकों को भी बताते हैं। स्टीव जॉब्स ने भी मार्क जुकरबर्ग को इस मंदिर के बारे में बताया। कई अन्य अमेरिकी हस्तियों को भी जानकारी दी और आज विश्व के अनेक प्रमुख नाम बाबा के दर्शन के लिए लाइन में लगते हैं।
वहां करोली बाबा की जय-जयकार होती है।